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नशेबाज पुलिसकर्मियों की पहचान करेगी कोटा पुलिस, कराएगी उनकी काउंसिलिंग

कोटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी ने नशामुक्ति की इस योजना के बारे में बताया.

कोटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी ने बताया कि कोटा ग्रामीण पुलिस में तैनात उन पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी जो नशे की गिरफ्त में हैं. फिर चिकित्सकों की विशेष टीम से इन जवानों की काउंसलिंग करवाई जाएगी.

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    कोटा. 'आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर' के स्लोगन पर काम करने वाली राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) अब अपने ही महकमे के नशेबाज (drug addict) पुलिसकर्मियों (policemen) की पहचान कर उनके लिए नशामुक्ति का अभियान चलाएगी. कोचिंग सिटी कोटा से इस अभियान का आगाज करने की तैयारी कोटा ग्रामीण पुलिस कर रही है. कोटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी ने नए साल के मौके पर कोटा ग्रामीण पुलिस की बीते साल की उपलब्धियों का बखान किया. साथ ही बताया कि कोटा ग्रामीण पुलिस में तैनात उन पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी जो नशे की गिरफ्त में हैं. फिर चिकित्सकों की विशेष टीम से इन जवानों की काउंसलिंग करवाई जाएगी.

    पुलिस लाइन में खोला जाएगा सेन्टर

    एसपी शरद चौधरी ने बताया कि कोटा ग्रामीण पुलिस के सभी पुलिसकर्मियों का मेडिकल चेकअप करवाया जाएगा. 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों की फिटनेस को लेकर भी महकमा मेडिकल सुविधा मुहैया करवाएगा. उनकी बीमारी के अनुरूप उपचार की व्यवस्था करवाई जाएगी. वहीं, शराब के आदी पुलिसकर्मियों को पुलिसलाइन में बनाए जाने वाले सेंटर पर पर क्लिनिकल और साइक्लोजिकल तरीके से सुव्यवस्थित इलाज करवाकर नशे की लत से निजात दिलवाने के प्रयास किए जाएंगे.

    कोटा ग्रामीण पुलिस प्रदेश में रही है अव्वल

    कोटा ग्रामीण पुलिस प्रदेश में अपनी कार्यशैली को लेकर जानी जाती है. इस साल भी ग्रामीण पुलिस ने पेंडेंसी कम करने, 100 फीसदी केस डायरियां ऑनलाइन संधारण कर प्रदेश में पहला मुकाम हासिल किया है. एसपी शरद चौधरी ने बताया इसके अलावा सभी संगीन मामलों में पुलिस ने ठोस कार्रवाई की है. वही महिला अत्याचार के मामलों में कमी आई है. कोविड-19 महामारी अध्यादेश के तहत भी कोटा ग्रामीण पुलिस ने उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करते हुए 16 लाख 37 हजार 400 रुपये बतौर जुर्माना वसूले हैं.
    Published by:Anurag Anveshi
    First published: