10 नवंबर को कोटा महापौर का चुनाव, दोनों निगमों में BJP-कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर

कोटा दक्षिण से कांग्रेस के राजीव अग्रवाल और बीजेपी के विवेक राजवंशी महापौर पद के लिए चुनावी मैदान में हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोटा दक्षिण से कांग्रेस के राजीव अग्रवाल और बीजेपी के विवेक राजवंशी महापौर पद के लिए चुनावी मैदान में हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कांग्रेस और बीजेपी को आठ निर्दलीय पार्षदों के पास आई जीत की ताकत खासी जोर आजमाइश करवा रही है. साथ ही इन दोनों पार्टियों को क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) का भी डर सता रहा है

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 4:20 PM IST
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कोटा. निगम चुनाव में आए नतीजों के बाद अब कोटा में भी महापौर (Kota Mayor) बनाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस जहां कोटा उत्तर निगम में बहुमत हासिल करने के बाद महापौर बिठाने को लेकर संतुष्ट नजर आ रही है वहीं कोटा दक्षिण में फंसे 36-36 के पैच ने राजस्थान (Rajasthan) से लेकर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) तक की गई पार्षदों की बाड़ेबंदी से 10 नवंबर यानी मतदान तक सस्पेंस बरकरार कर रखा है. दोनों ही पार्टियों को आठ निर्दलीय पार्षदों के पास आई जीत की ताकत खासी जोर आजमाइश करवा रही है. साथ ही कांग्रेस और बीजेपी को क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) का भी डर सता रहा है.

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल द्वारा कोटा में दिए गए इस बयान के बाद कि कोटा दक्षिण में कांग्रेस बोर्ड बनाने जा रही है उसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जादू चलेगा के बाद से बीजेपी खेमे में खलबली मची हुई है. बीजेपी लगातार अपने पार्षदों को मध्य प्रदेश में भी एक जगह न रख कर बार-बार जगह बदल रही है. कोटा के दोनों निगमों में से कोटा उत्तर निगम में कांग्रेस ने जहां 70 वार्डों में से 47 पर जीत दर्ज कर अपना बोर्ड बनाने के इरादे को साफ कर दिया है. वहीं दो निर्दलियों के भी कांग्रेस का दामन थाम लेने से उसकी संख्या 49 हो गई है. जबकि बीजेपी कोटा उत्तर निगम में सिर्फ 14 पर सिमट गई है. ऐसे में अब कोटा दक्षिण निगम पर बीजेपी और कांग्रेस की जोर आजमाइश जारी है. नतीजों ने दोनों को ही 36-36 पार्षद दिए हैं. वहीं आठ निर्दलीय पार्षदों को अपने खेमे में लेने और बाड़ेबंदी में शामिल करने को लेकर राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश तक सियासी हलचल तेज हो गई है.

कांग्रेस और बीजेपी ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की



कांग्रेस ने जहां कोटा दक्षिण के 36 कांग्रेस पार्षदों के अलावा तीन निर्दलियों की बाड़ेबंदी कर रखी है वहीं बीजेपी ने अपने 36 पार्षदों के साथ चार निर्दलीय पार्षदों को भी अपने साथ लेकर बाड़ेबंदी में रखा है. यानी कांग्रेस के पास बाड़ेबंदी में 39 पार्षद हैं जबकि बीजेपी का यह आंकड़ा 40 पहुंच गया है. यही नहीं बीजेपी के बागी एक नाराज पार्षद पार्टी का ही समर्थन करने को लगभग तैयार माने जा रहे हैं. कोटा दक्षिण में फिलहाल मैजिक फिगर यानी 41 वार्ड पार्षद बीजेपी के बाड़ेबंदी में शामिल माने जा रहे हैं. मौजूदा सियासी हालात में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का यह बयान कि सीएम गहलोत का कोटा दक्षिण में भी जादू चलेगा, इससे बीजेपी खेमे में डर बैठ गया है.
देखने वाली बात होगी कि 10 नवंबर को तमाम उठापटक के बीच मतदान करने पहुंचने वाले कोटा दक्षिण के 80 पार्षद शहर के महापौर की कमान किसके हाथ में सौंपते हैं. इस दिन सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी. उसके बाद मतगणना की जाएगी. निर्देशन पत्रों की जांच के बाद कोटा दक्षिण से कांग्रेस के राजीव अग्रवाल और बीजेपी के विवेक राजवंशी महापौर पद के लिए चुनावी मैदान में हैं.
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