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Kota: राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी में छलक रहे जाम, हो रहीं शराब पार्टियां, जामुनिया आईलैंड बना ऐशगाह

जामुनिया आईलैंड सात भागों में विभाजित है. इस स्थान को राजस्थान के मिनी गोवा के नाम से जाना जाता है.

जामुनिया आईलैंड सात भागों में विभाजित है. इस स्थान को राजस्थान के मिनी गोवा के नाम से जाना जाता है.

National Chambal Gharial Century: राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी सात भागों में विभाजित सबसे खूबसूरत जमुनिया आइलैंड इन दिनों असामाजिक तत्वों की ऐशगाह बना हुआ है. इस आइलैंड पर अवैध रूप से शराब पार्टियां हो रही हैं.

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कोटा. राजस्थान के कोटा में स्थित राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी में खुलेआम वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धज्जियां उड़ाई जा रही है. सेंचुरी में बेधड़क अवैध गतिविधियां चल रही हैं. लोग पर्यटक के रूप में सेंचुरी के अंदर बिना किसी परमिशन के पहुंच रहे हैं और वहां शराब के जाम छलका रहे हैं. जिम्मेदार महकमा वन विभाग सेंचुरी में हो रही इन शराब पार्टियों से बेखबर है.

मामला कोटा जिले के बालापुरा गांव के पास स्थित राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी के जामुनिया आइलैंड का है. यहां कुछ ग्रामीणों ने ही चंबल में बोटिंग करवाना और लोगों को पार्टी करने के लिए खूबसूरत माहौल देना शुरू कर रखा है. क्षेत्र में करीब आधा दर्जन मोटर बोट बिना परमिशन के नदी में चलाई जा रही है. यहां पार्टी करने के लिए लोग अधिकतर जिप्सी में सवार होकर शराब की बोतलें, चखना और प्लास्टिक के डिस्पोजल लेकर पहुंचते हैं.

सात भागों में विभाजित है जामुनिया आईलैंड
जामुनिया आईलैंड सात भागों में विभाजित है. इस स्थान को राजस्थान के मिनी गोवा के नाम से जाना जाता है. यहां की सुंदरता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. इसी को देखते हुए लोग यहां का नजारा देखने के लिए लोग आते--जाते हैं. लेकिन यहां सब कुछ गैर कानूनी रूप से हो रहा है. राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी में लोग पार्टी मनाने के लिए बिना परमिट की और बिना लाइफ जैकेट की नाव लेकर आईलैंड पर पहुंचते हैं. वहां पहुंचकर शराब पार्टी की जाती हैं.
यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है


वन्यजीव प्रेमियों के मुताबिक राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी में इस तरह के लोगों के पहुंचने और वहां पर पार्टी करने से वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धज्जियां उड़ रही हैं. घड़ियाल और मगरमच्छ जो दोनों बड़े जलीय जीव हैं. इन गतिविधियों से उनके हैबिटेट को भी नुकसान हो रहा है. इस तरह की गतिविधियों से यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए
इस बारे में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व सलाहकार समिति के सदस्य तपेश्वर सिंह भाटी का कहना है कि यहां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है. राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी में इस तरह की अवैध गतिविधियां बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है. वन विभाग को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
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