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Lockdown: कोटा से 16 हजार स्टूडेंट्स की हुई वापसी, 22-25 हजार अभी फंसे हैं

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव के कारण 16 मार्च से सभी स्कूल, कॉलेज बंद हैं.
कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव के कारण 16 मार्च से सभी स्कूल, कॉलेज बंद हैं.

देशभर से मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सिटी कोटा (Kota) में हर साल हजारों की तादाद में प्रतियोगी छात्र आते हैं.

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कोटा.  देशभर से मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सिटी कोटा आए हुए हजारों स्टूडेंटस की कोरोना (COVID-19) संकट के चलते लागू लॉकडाउन (Lockdown) में घर वापसी का सिलसिला लगातार जारी है. लॉकडाउन में विभिन्न प्रदेशों के हजारों स्टूडेंट्स फंस गए थे. उसके बाद हाल ही में इन स्टूडेंट्स की वापसी का रास्ता साफ हुआ था. कोटा से अब तक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात और दमनदीव के करीब 16 हजार से अधिक स्टूडेंट्स की सकुशल घर वापसी हो चुकी है. वहीं, शुक्रवार को हरियाणा और असम के बच्चे अपने गृह राज्यों के लिए रवाना होंगे.

कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिवर्ष हजारों बच्चे आते हैं. ये यहां कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में पढाई करते हैं और पीजी हॉस्टल में रहते हैं. कई बच्चे शेयरिंग बेसिस पर अलग मकान लेकर भी रहते हैं. अनुमान के अनुसार, देशभर के करीब एक लाख 75 हजार स्टूडेंट्स कोटा आते हैं. इनमें प्रतिवर्ष कुछ घटत-बढ़त होती रहती है, लेकिन इन दिनों सिर्फ करीब 15-20 फीसदी ही स्टूडेंट्स कोटा में होते हैं, क्योंकि ये विभिन्न परीक्षाओं में हिस्सा लेने अपने परीक्षा सेंटर के नजदीक या अपने शहरों में चले जाते हैं. दिसंबर से स्टूडेंट्स के लौटने का सिलसिला फिर शुरू हो जाता है.

इन राज्यों के बच्चे जा चुके हैं
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड - 12,500
मध्य प्रदेश - 2830


गुजरात - 400
दमनदीव एवं दादर नगर हवेली - 44
इनके साथ ही कोटा संभाग के अन्य जिलों के 2200 बच्चों को भी सकुशल उनके घर पहुंचाया जा चुका है.

इन राज्यों के बच्चे शुक्रवार को जाएंगे
हरियाणा - 851
असम - 400

नए सत्र के स्टूडेंट्स अभी नहीं आए
कोरोना संक्रमण के चलते इस बार कोचिंग संस्थानों में दाखिले के लिए पहुंचने वाले स्टूडेंट्स यहां पहुंचे ही नहीं थे, क्योंकि कई प्रदेशों में बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित की गई है. वहीं, इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं को भी निरस्त किए जाने से फिलहाल कोटा में अप्रैल माह से शुरू होने वाला दाखिले का दौर इस साल प्रारंभ नहीं हो सका है.

Lockdown: कोटा से 16 हजार स्टूडेंट्स की हुई वापसी, 22-25 हजार अभी फंसे हैं Lockdown: 16 thousand students returned from Kota-22-25 thousand are still stranded
कोटा से स्टूडेंट्स की घर वापसी को लेकर काफी माथापच्ची हुई.


घर वापसी को लेकर काफी माथापच्ची
लॉकडाउन के बाद कोटा में फंसे स्टूडेंट्स की घर वापसी को लेकर काफी माथापच्ची हुई. पहले विभिन्न राज्यों ने इन स्टूडेंट्स को अपने राज्यों की सीमा में प्रवेश कराने से मना कर दिया था. बाद में सीएम अशोक गहलोत ने विभिन्न मुख्यमंत्रियों से इस संबंध में बातचीत की. वहीं केन्द्र के स्तर पर भी दखल दिया गया तब जाकर इनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ.

बल्क में बसों को कोटा भेजा गया
इसके तहत विभिन्न राज्यों ने अपने यहां से बल्क में बसों को कोटा भेजा. कई राज्यों ने तो इन बसों के साथ अपने अधिकारी भी भेजे जो अपने राज्यों के स्टूडेंट्स को यहां से लेकर गए. इन बसों को सेनेटाइज करके ही कोटा लाया गया था. बाद में यहां भी बसों को सेनेटाइज करके उनमें बच्चों को ले जाया गया. कोटा जिला प्रशासन और कोचिंग इंस्टीटयूट्स ने सामंजस्य स्थापित करते हुए बच्चों को यहां से रवाना किया.

सभी स्टूडेंट्स की थर्मल स्‍कैनिंग
रवानगी से पहले सभी की स्टूडेंट्स की थर्मल स्‍कैनिंग की गई. रवाना करते समय सोशल डेस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया. एक बस में 30 स्टूडेंट्स से ज्यादा नहीं बैठाए गए. बसों में चढ़ते समय भी स्टूडेंट्स को एक-एक मीटर की दूरी पर कतार में खड़ा किया. प्रत्येक स्टूडेंट को मास्क पहनने की हिदायत दी गई है.



सभी स्टूडेंट्स के साथ भेजा गया अल्पाहार और मास्क
रवानगी से पहले सभी स्टूडेंट्स को अल्पाहार के पैकेट्स उपलब्ध कराए गए गए. इनमें कुरकुरे, चॉकलेट, वेफर्स, बिस्किट, भुजिया और मिठाई दी गई. इसके साथ ही पानी की बोतलें और मास्क भी दिए गए.

बिहार समेत विभिन्न राज्यों के 22-25 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हैं
हजारों स्टूडेंट्स की रवानगी के बावजूद कोटा में अभी भी अन्य राज्यों के करीब 22 से 25 हजार स्टूडेंट्स फंसे हुए हैं. इनमें सर्वाधिक बिहार के हैं. बिहार के स्टूडेंट्स की संख्या 7500 बताई जा रही है. शेष पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, दिल्ली, पूर्वोत्तर व जम्मू-कश्मीर के स्टूडेंट्स हैं. बिहार के स्टूडेंट्स लॉकडाउन में घर वापसी नहीं होने से नाराज हैं. उन्होंने इस बात को लेकर गुरुवार को नीतीश सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट भी किया था.

इनपुट- शाकिर अली

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