ओम बिरला: स्कूल छात्रसंघ से लोकसभा अध्यक्ष तक का सियासी सफर

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला.

राजस्थान के कोटा के गुमानपुरा की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष से अपना राजनीतिक कॅरियर शुरू करने वाले ओम बिरला ने तब शायद नहीं पता रहा होगा कि वो लोकसभा अध्यक्ष का पद संभालेंगे

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स्कूल छात्र संघ के चुनाव में अध्यक्ष बनने के बाद सियासत की पाठशाला में तैयार होकर देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा के अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाले नेता के रूप में ओम बिरला ने राजस्थान को नई सियासी बुलन्दियां दी हैं. राजस्थान के कोटा के गुमानपुरा की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष से अपना राजनीतिक कॅरियर शुरू करने वाले ओम बिरला को तब पता नहीं होगा कि वो लोकसभा अध्यक्ष का पद सम्भालेंगे लेकिन अब यह तय हो चूका है कि लोकसभा में ओम बिरला देश की विकास और मुद्दों पर सार्थक बहस करवा कर देश को आगे बढ़ाने वाले हैं.

ओम बिरला के सियासी सफर

कोटा से 16वीं-17वीं लोकसभा में लगातार दूसरी बार सांसद
 साल 2003 से 2013 तक लगातार कोटा दक्षिण से तीन बार विधायक
 भाजयुमो के छह साल तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे
 भाजयुमो के राजस्थान के छह साल तक प्रदेशाध्यक्ष
 भाजयुमो के लगातार चार वर्ष रहे जिलाध्यक्ष
 पूर्व उपाध्यक्ष राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ नई दिल्ली
 पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ जयपुर
 पूर्व संयुक्त सचिव राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय कोटा
 पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजकीय उच्च मा.विद्यालय गुमानपुरा कोटा

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पहली बार 2003 में विधायक बने, शांति धारीवाल को हराया

असल में ओम बिरला का राजनीतिक सफर साल 2003 में कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुआ. जब कांग्रेस के कद्दावर नेता और आज के राजस्थान सरकार मे मंत्री शांति धारीवाल को शिकस्त दी. और लगभग 10 हजार वोट से जीत दर्ज की. तत्कालीन वसुन्धरा सरकार में संसदीय सचिव भी बने.

तीन बाद विधायक बनने के बाद संसद पहुंचे

2008 के विधानसभा चुनावों में रामकिशन वर्मा को चुनाव हराया और 2013 में पंकज मेहता को चुनाव हराकर 13वीं, 14वीं और 15वीं विधानसभा के सदस्य बने. लेकिन 2014 में शाह और मोदी की जोड़ी ने बिरला का कद बढ़ाया और कोटा-बून्दी सीट से लोकसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया. तब कांग्रेस के इज्यराजसिंह को शिकस्त देकर लोकसभा पहुंचे. एक बार फिर 2019 में इसी सीट पर रामनारायण मीणा को हराया और दूसरी बार लगातार सांसद बने और मोदी-शाह ने ओम बिरला में विश्वास जता कर लोकसभा अध्यक्ष बनाया.

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