ओम बिरला: स्कूल छात्रसंघ से लोकसभा अध्यक्ष तक का सियासी सफर

राजस्थान के कोटा के गुमानपुरा की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष से अपना राजनीतिक कॅरियर शुरू करने वाले ओम बिरला ने तब शायद नहीं पता रहा होगा कि वो लोकसभा अध्यक्ष का पद संभालेंगे

Sudhir sharma | News18 Rajasthan
Updated: June 19, 2019, 4:46 PM IST
ओम बिरला: स्कूल छात्रसंघ से लोकसभा अध्यक्ष तक का सियासी सफर
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला.
Sudhir sharma | News18 Rajasthan
Updated: June 19, 2019, 4:46 PM IST
स्कूल छात्र संघ के चुनाव में अध्यक्ष बनने के बाद सियासत की पाठशाला में तैयार होकर देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा के अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाले नेता के रूप में ओम बिरला ने राजस्थान को नई सियासी बुलन्दियां दी हैं. राजस्थान के कोटा के गुमानपुरा की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष से अपना राजनीतिक कॅरियर शुरू करने वाले ओम बिरला को तब पता नहीं होगा कि वो लोकसभा अध्यक्ष का पद सम्भालेंगे लेकिन अब यह तय हो चूका है कि लोकसभा में ओम बिरला देश की विकास और मुद्दों पर सार्थक बहस करवा कर देश को आगे बढ़ाने वाले हैं.

ओम बिरला के सियासी सफर

कोटा से 16वीं-17वीं लोकसभा में लगातार दूसरी बार सांसद
 साल 2003 से 2013 तक लगातार कोटा दक्षिण से तीन बार विधायक

 भाजयुमो के छह साल तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे
 भाजयुमो के राजस्थान के छह साल तक प्रदेशाध्यक्ष
 भाजयुमो के लगातार चार वर्ष रहे जिलाध्यक्ष
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 पूर्व उपाध्यक्ष राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ नई दिल्ली
 पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ जयपुर
 पूर्व संयुक्त सचिव राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय कोटा
 पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजकीय उच्च मा.विद्यालय गुमानपुरा कोटा

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पहली बार 2003 में विधायक बने, शांति धारीवाल को हराया

असल में ओम बिरला का राजनीतिक सफर साल 2003 में कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुआ. जब कांग्रेस के कद्दावर नेता और आज के राजस्थान सरकार मे मंत्री शांति धारीवाल को शिकस्त दी. और लगभग 10 हजार वोट से जीत दर्ज की. तत्कालीन वसुन्धरा सरकार में संसदीय सचिव भी बने.

तीन बाद विधायक बनने के बाद संसद पहुंचे

2008 के विधानसभा चुनावों में रामकिशन वर्मा को चुनाव हराया और 2013 में पंकज मेहता को चुनाव हराकर 13वीं, 14वीं और 15वीं विधानसभा के सदस्य बने. लेकिन 2014 में शाह और मोदी की जोड़ी ने बिरला का कद बढ़ाया और कोटा-बून्दी सीट से लोकसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया. तब कांग्रेस के इज्यराजसिंह को शिकस्त देकर लोकसभा पहुंचे. एक बार फिर 2019 में इसी सीट पर रामनारायण मीणा को हराया और दूसरी बार लगातार सांसद बने और मोदी-शाह ने ओम बिरला में विश्वास जता कर लोकसभा अध्यक्ष बनाया.

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First published: June 19, 2019, 2:44 PM IST
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