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Kota News : नुकसानदेह है बच्चों में मोबाइल की लत, इन तरीकों से बच्चों को मोबाइल से रख सकते हैं दूर

नंद भंवर सिंह का कहना है कि आज के समय में बच्चे मोबाइल में ज्यादा लगते हैं. खाना खाते समय भी वे मोबाइल से चिपके रहते ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- शक्ति सिंह

कोटा. आज के समय में बिना मोबाइल व कंप्यूटर के सब कुछ अधूरा है. ऑनलाइन स्टडी का बढ़ता हुआ कल्चर और मोबाइल व कंप्यूटर पर पूरा वर्कआउट होता है. लेकिन, आज के समय कई बच्चे बिना मोबाइल के खाना तक नहीं खाते, जिन्हें मोबाइल में कई अलग-अलग तरह के गेम डाउनलोड करके देखने में मजा आता है. वहीं उनकी उस गेम को खेलने व देखने में आदत लग जाती है. वही बच्चों के पैरेंट्स भी यही कहते हैं कि बच्चा अगर घर पर बैठकर खेले तो ज्यादा अच्छा है, बजाए घर के बाहर जाने के. लेकिन, पैरेंट्स अगर चाहें तो वे कुछ पुराने खेलों के जरिए बच्चों को मोबाइल से दूर सकते हैं. ऐसा ही एक पुराना खेल है भंवरा. इस खेल में बच्चों का मनोरंजन भी काफी होता है.

इस तरह छुड़ाई बच्चे की मोबाइल की लत
कोटा के नंद भंवर सिंह ने अपने बच्चे को मोबाइल से दूर रखने के लिए लगभग 80 सालों से चलता आ रहा गेम भंवरा दे दिया, जो की लकड़ी से बना होता है. उसके अंदर एक कील होती है. जिसे रस्सी से लपेट कर जमीन पर जोर से फेंका जाता है और वह तेजी से घूमने लगता है. बच्चे को भंवरा देने के बाद उसकी  मोबाइल में लगे रहने की आदत भी छूट गई और भंवरे से खेलते हुए अब उसे अच्छा भी लगता है. और इससे बच्चे की एक्सरसाइज भी होती रहती है.

वहीं उनके पिता नंद भंवर सिंह का कहना है कि आज के समय में बच्चे मोबाइल में ज्यादा लगते हैं. खाना खाते समय भी वे मोबाइल से चिपके रहते हैं इससे उनकी आंखें भी धीरे-धीरे खराब होने लगती है. साथ ही फ्री फायर पब्जी जैसा गेम खेलने से उनकी आदत भी खराब हो जाती है. इसको दूर करने के लिए यह एक अनोखा तरीका था जो कि हम बचपन में खेला करते थे. आज के युग में बहुत ही कम बच्चे होंगे जो इस तरीके के गेम खेलते होंगे या भंवरे को चला पाते होंगे. इसको खेलने से बच्चा फिजिकल तंदुरुस्त रहता है और मोबाइल की आदत भी दूर हो सकती है.

Tags: Kota news, Rajasthan news

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