Kota News: यूपी की तर्ज पर आज तोड़ा जा सकता है हिस्ट्रीशीटर असलम का मकान, पुलिसबल तैनात

असलम के नेताओं से भी अच्छे संबंध बताये जा रहे हैं. इसी के चलते उसे करीब तीन साल पहले वर्ष 2017 में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे का जिलाध्यक्ष बना दिया गया था.

कोटा में आज राजस्थान पुलिस उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की तर्ज पर हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ एक्शन ले सकती है. यहां कुख्यात हिस्ट्रीशीटर असलम उर्फ चिंटू (Aslam aka Chintu) के मकान को ढहाने की तैयारी की जा रही है.

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कोटा. राजस्थान में भी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की तर्ज अब कुख्यात अपराधियों की बिल्डिंगों पर सरकारी हथौड़ा पड़ सकता है. कोटा से इसकी शुरुआत हो सकती है. इसी कड़ी में आज कोटा के एक लाख के इनामी बदमाश हिस्ट्रीशीटर असलम उर्फ चिन्टू (Aslam aka Chintu) के मकान मकान तोड़ने की तैयारी की जा रही है. इसके लिये गुमानपुरा थाने में पुलिस का भारी लवाजमा पहुंच चुका है. यूआईटी ने उसके घर के बाहर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा कर रखा है. इसमें उसके मकान को उत्तर प्रदेश की तर्ज पर तोड़ने की भी चेतावनी दी गई है.

असलम उर्फ चिंटू के खिलाफ कोटा की चार कोर्ट ने विभिन्न संगीन लंबित आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी रखे हैं. इनमें गुमानपुरा थाने इलाके के जमील हत्याकांड, प्रॉपर्टी डीलर पर फायरिंग, गवाहों को धमकाने और अपहरण के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी हो रखे हैं. लेकिन वह अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है. कोर्ट से उसकी गिरफ्तारी के वारंट जारी होने के बाद अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी ने हिस्ट्रीशीटर असलम उर्फ चिंटू पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी है.

मकान बनाने की अनुमति नहीं ली थी असलम ने
उसके बाद पुलिस ने असलम पर शिकंजा कसने के लिए यूआईटी को पत्र लिखकर उसकी संपत्ति जांच करने के लिए कहा था. यूआईटी ने जब उसके छावनी स्थित बंगाली कॉलोनी के मकान की जांच पड़ताल की तो सामने आया कि उसने जो मकान बना रखा है उसके निर्माण की अनुमति नहीं ली गई थी. इस पर यूआईटी ने वहां नोटिस चस्पा कर जवाब पेश करने या उसे खुद तोड़ लेने की मोहलत दी है. ऐसा नहीं होने पर यूआईटी द्वारा मकान तोड़ दिया जाएगा.

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा का जिलाध्यक्ष भी रह चुका है असलम
असलम के नेताओं से भी अच्छे संबंध बताये जा रहे हैं. इसी के चलते उसे करीब तीन साल पहले वर्ष 2017 में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे का जिलाध्यक्ष बना दिया गया था. लेकिन बाद में पार्टी को जैसे ही पता चला कि वह हिस्ट्रीशीटर है तो उसे तत्काल पद से हटा दिया गया था. चिंटू एक दिन के लिये इस मोर्चे का जिलाध्यक्ष रहा था. अब आज उसके मकान को तोड़ने कार्रवाई हो सकती है.

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