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Rajasthan: कोटा पुलिस की दबंगई, नहीं चुका रही है 98 लाख रुपये के बिजली के बिल

निगम ने नियमानुसार पुलिस महकमे को समय समय पर नोटिस जारी किये हैं, लेकिन अभी तक इस बकाया का निपटारा नहीं किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

निगम ने नियमानुसार पुलिस महकमे को समय समय पर नोटिस जारी किये हैं, लेकिन अभी तक इस बकाया का निपटारा नहीं किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोटा ग्रामीण पुलिस (Kota Rural Police) विद्युत निगम के बिजली बिल पेटे बकाया चल रहे करीब 98 लाख रुपये नहीं चुका रही है. कोटा ग्रामीण के कई थानों, पुलिस चौकियों और अधिकारियों के कार्यालय तथा आवास के लाखों रुपये के बिल पेंडिंग (Electricity bill pending) पड़े हैं.

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कोटा. यूं तो विद्युत निगम (Electric corporation) कहीं भी कोई जरुरत महसूस होने पर पुलिस (Police) का सहारा लेता है भले वो विभाग से संबधित कोई विवाद हो या विभाग के कार्यालयों पर होने वाले धरने प्रदर्शन. पुलिस विभाग निगम के सहयोग के लिए हरदम तैयार खड़ा मिलता है. लेकिन निगम को इसकी बड़ी कीमत (Big price) चुकानी पड़ रही है. कोटा पुलिस के बिजली के बकाया बिलों (Electricity bill) को देखते हुये साफ जाहिर हो रहा है कि वह खुद का बिजली का बिल जमा करवाने में दबंगाई दिखा रही है.

कोटा ग्रामीण पुलिस वैसे तो इन दिनों अपराधियो पर शिकंजा कसकर उनको सलाखों तक पहुचाने में खूब सुर्खियां बटोर रही है. लेकिन ग्रामीण पुलिस अपने थानों और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों तथा उनके सरकारी आवासों पर जल रही बिजली के बिल जमा नहीं करवा रही है. विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता पीके अग्रवाल ने बताया कि विद्युत निगम का विभिन्न विभागों पर करीब 23 करोड़ रुपये बकाया चल है. इनमें पंचायती राज, नगर पालिकाएं, नगर परिषदें और पीएचईडी सहित अन्य विभाग शामिल हैं.

निगम ने नोटिस जारी किये, लेकिन बिल जमा नहीं हुये
इनमें कोटा ग्रामीण पुलिस के करीब 44 थानों, चाौकियों, अधिकारियों के कार्यालयों और उनके आवासीय मकानों के पेंडिंग बिजली के बिलों की फेहरिस्त काफी लंबी है. यह निगम के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. कोटा ग्रामीण पुलिस पर करीब 98 लाख रुपये का बिजली का बिल बकाया चल रहा है. हालांकि निगम ने नियमानुसार पुलिस महकमे को समय समय पर नोटिस जारी किये हैं, लेकिन अभी तक इस बकाया का निपटारा नहीं किया गया है.
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण का यह है तर्क


इस पूरे मामले में कोटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी का कहना है कि समय-समय पर विभाग से मिले बजट के अनुसार बिजली के बिल जमा करवाए जाते हैं. वैसे यह दो विभागों के बीच का मामला है और पुलिस आवश्यक सेवाओं में आती है. फिलहाल हमने बकाया बिलों को लेकर एडिशनल एसपी पारस जैन को निर्देश दिए हैं कि वे इस बारे में जानकारी जुटायें ताकि बिलों का भुगतान के लिए उच्च स्तर बातचीत कर पर बजट की मांग की जाये.
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