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कोटा: सीएए के विरोध में ईदगाह के बाहर महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना जारी
Kota News in Hindi

Shakir Ali | News18 Rajasthan
Updated: January 21, 2020, 7:32 PM IST
कोटा: सीएए के विरोध में ईदगाह के बाहर महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना जारी
किशोरपुरा ईदगाह के बाहर सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ महिलाएं धरने पर बैठी हैं.

कोटा (Kota) में भी किशोरपुरा ईदगाह के बाहर सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ कुछ महिलाएं कड़ाके की सर्दी के बावजूद धरने पर डटी हुई हैं.

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कोटा. दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) की तर्ज पर कोंचिग सिटी कोटा (Kota) में भी महिलाओं का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को 8वें दिन भी जारी रहा. किशोरपुरा ईदगाह के बाहर सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ कोटा की यह महिलाएं कड़ाके की सर्दी के बावजूद धरने पर डटी हुई हैं. दिन के साथ-साथ रात में भी महिलाओं की मौजूदगी इस धरने पर देखी जा सकती है. दोपहर के वक्त कोटा के कई इलाकों से महिलाए यहां पहुंचती हैं, कुछ शाम तक धरना स्थल पर रूकती हैं तो कुछ रातभर धरना स्थल पर रूककर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं.

धरने की अगवानी कर रही है शिफा खालिद  बताती है कि धरने में निंरतर बूर्जूग महिलाएं दोपहर के वक्त आती हैं. दिन भर हम हमारी समर्थकों के साथ यहां रहकर सरकार से इस कानून की वापस लेने की मांग करते बुलंद आवाज के साथ करते रहते हैं. वो आरोप भी लगाती है कि सरकार बुनियादी सुविधाओं के साथ युवाओं के रोजगार की बड़ी समस्या पर ध्यान देने के बजाए गरीबों को परेशान करने वाला कानून लेकर आई है. इसका सीधा सीधा खामियाजा गरीबों को उठाना पड़ेगा.

महिलाओं के धरने को मिल रहा है समर्थन

महिलाओं के इस धरना स्थल की दूरी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के आवास से कुछ दूरी पर है. दिनभर कोटा की अलग अलग संस्थाओं के लोग भी इस धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन देकर संबोधन देते हैं. सरकार से सीएए को वापस लेने की मांग करते नजर आते हैं. शहर काजी अनवार अहमद भी दो दिन पूर्व धरना स्थल पर पहुंचे थे ओर धरने पर बैठी महिलाओं को संबोधित कर सीएए की मुखालिफत कर आन्देालन जारी रखने का आह्वान किया तो कांग्रेस की हाल ही नियुक्त हुए अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशध्यक्ष आबिद कागजी ने भी महिलाओं के इस धरने पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया.

धरना स्थल पर शाम के वक्त रहती है भारी भीड़

किशोरपुरा पुराने शहर का इलाका है. महिलाओं के इस धरने में दोपहर के वक्त ज्यादा महिलाएं नहीं होती हैं लेकिन शाम होते-होते क्षेत्र की कई महिलाएं अपने  घर के कामकाज को निबटा कर धरना स्थल पर पहुंच जाती हैं. फिर सरकार के इस फैसले के वापस लेने के लिए आवाज बुलंद करती हैं. कड़ाके की सर्दी इन दिनों कोटा में भी देखी जा रही है, इसलिए बचाव के लिए अलाव भी जलाया जाता है तो आसपास के लोग चाय नाश्ता भी धरना स्थल पर लाकर आन्दोलनकारी महिलाओं देते हुए अपना समर्थन दर्ज करवाते हैं.

कोटा में महिलाओं ने विरोध में निकाला था विशाल जूलूसकोटा में सीएए के विरोध में शुरू से ही अल्पसंख्यको को विरोध देखा गया है. कोटा शहर काजी के आह्वान पर जहां एक विशाल जूलूस निकालकर इस कानून को वापस लेने की मांग की गई थी वहीं महिलाओं की ओर से एक विशाल जूलूस कोटा की सड़कों पर निकाला गया था. अब शाहीन बाग की तर्ज पर कोटा की ईदगाह के बाहर बैठी पिछले 8 दिनों से धरने पर बेठी इन महिलाओं को भी लोगों का समर्थन मिल रहा है.

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First published: January 21, 2020, 7:26 PM IST
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