Rail Roko Andolan: कोटा-बूंदी के किसानों का दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कब्जा, 14 ट्रेनें हुईं प्रभावित

यहां किसानों ने दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग को जाम कर दिया. दूसरी तरफ गुडला फाटक से कुछ दूरी पर कोटा- चित्तौड़ रेल मार्ग भी गुजरता है. किसानों ने उस ट्रैक पर भी कब्जा कर लिया.

यहां किसानों ने दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग को जाम कर दिया. दूसरी तरफ गुडला फाटक से कुछ दूरी पर कोटा- चित्तौड़ रेल मार्ग भी गुजरता है. किसानों ने उस ट्रैक पर भी कब्जा कर लिया.

Rail Roko Andolan: कोटा संभाग में आज किसानों ने दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग (Delhi-Mumbai Rail Track) को जाम कर दिया. किसानों ने वहां करीब तीन घंटे तक ट्रैक पर कब्जा किये रखा. इससे 14 ट्रेनें प्रभावित हुईं.

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कोटा. किसान आंदोलन (Kisaan andolan) के तहत किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आज कोटा रेल मंडल में कोटा और बूंदी जिले के किसानों (Farmers) ने दिल्ली- मुंबई तथा कोटा-चित्तौड़ रेल मार्ग जाम कर दिया. केन्द्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने और समर्थन मूल्य पर फसल खरीद की गारंटी का कानून की मांग को लेकर जुटे किसानों ने रेलवे ट्रैक पर जमकर प्रदर्शन किया. 3 घंटे से ज्यादा समय तक किसान गुडला फाटक के पास दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग और कोटा-चित्तौड़ रेल मार्ग पर बैठे रहे. कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक अजय पाल के मुताबिक किसानों के रेल चक्का जाम से 14 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं.

संयुक्त मोर्चे के बैनर तले दोपहर 12 बजे के बाद किसान रेलवे ट्रैक की ओर कूच कर गये. किसान बूंदी जिले में पड़ने वाले दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के गुड़ला फाटक पर पहुंचे. वहां जीआरपी, आरपीएफ और राजस्थान पुलिस बल का बड़ा बेड़ा तैनात था. लेकिन किसानों ने उस सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया. यहां किसानों ने दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग को जाम कर दिया. दूसरी तरफ गुडला फाटक से कुछ दूरी पर कोटा- चित्तौड़ रेल मार्ग भी गुजरता है. किसानों ने उस ट्रैक पर भी कब्जा कर लिया. वहां भी किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दे दिया.

आरोप अब तक केन्द्र ने किसानों की मांगों पर कोई गौर नहीं किया है

किसानों का कहना था कि वे अहिंसात्मक रूप से रेलवे ट्रैक पर अपना आंदोलन कर रहे हैं. इस आंदोलन के जरिये वे केन्द्र सरकार तक तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग को पहुंचा रहे हैं. किसानों ने कहा है कि 2 महीने से भी ज्यादा समय से देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटा हुये हैं. 11 दौर की बात सरकार से हो चुकी है. लेकिन अब तक केन्द्र सरकार ने किसानों की मांगों पर कोई गौर नहीं किया है.
किसान बोले शाम के 4 बजते ही रेलवे ट्रैक को छोड़ देंगे

किसानों ने कहा कि ढाई सौ के करीब किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं. लेकिन उसके बावजूद भी सरकार टस से मस नहीं हो रही है. किसानों को अपनी बात मनवाने के लिए आज रेल रोको आंदोलन जैसा का कदम उठाना पड़ा. किसानों ने कहा कि जैसे ही शाम के 4 बजेंगे वे रेलवे ट्रैक को छोड़ देंगे और ट्रेनों को बहाल करवा देंगे.
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