Kota: रेलवे का New Year गिफ्ट, मां वैष्णो देवी के भक्तों के लिए दो नई ट्रेनों का हॉल्ट

अभ्यर्थी अन्य कोई जानकारी हेल्प डेस्क के जरिए हासिल कर सकते हैं.

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रेलवे ने कोटा (Kota) के माता वैष्णों के भक्तों को नए साल में सौगात दी है. दो ट्रेनें अब कोटा से होकर गुजरेंगी. इससे कोटा में रहने वालों के लिए मां वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) जाना आसान हो जाएगा. इस ट्रेन की मांग लंबे अर्से से की जा रही थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 2, 2021, 10:15 AM IST
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कोटा. नए साल में श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन को जाने वाले यात्रियों के लिए कोटा होकर दो नई ट्रेनें चलेंगी. वैष्णो देवी से जामनगर जाने वाली ट्रेन 3 जनवरी से हर रविवार को सुबह 9.55 बजे यहां से चलेगी और दूसरे दिन आधी रात 2.45 बजे कोटा आएगी. ये ट्रेन उसी दिन शाम 6.45 बजे जामनगर पहुंचेगी.

वापसी में ये ट्रेन जामनगर से 5 जनवरी से हर मंगलवार को सुबह 8.15 बजे चलेगी और उसी दिन रात में 11.20 बजे आएगी. ये ट्रेन दूसरे दिन शाम को 5.40 बजे श्रीमाता वैष्णो देवी पहुंचेगी. वैष्णो देवी से हापा के बीच चलने वाली ट्रेन 4 जनवरी से हर सोमवार को सुबह 9.55 बजे चलेगी और दूसरे दिन देर रात 2.45 बजे कोटा आएगी.

कोटा रेल मंडल ने रचा स्पीड का इतिहास

पिछले महीने दिसंबर में  कोटा रेल मंडल (Kota Railway Division) ने ट्रेन स्पीड का नया इतिहास (New history) रचा था. कोटा मंडल में जब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड (Speed) से दो कोच की ट्रेन पटरियों पर हवा के माफिक दौड़ी तो लोग दंग रह गए. हालांकि, 180 की स्पीड से दौड़ती इस ट्रेन से रास्ते में एक गाय टकरा गई, लेकिन गनीमत रही की इस घटना के बाद कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई, अन्यथा तेज रफ्तार से दौड़ती हुई ट्रेन गाय से टकराकर बेपटरी भी हो सकती थी. इस घटना से ट्रेन के परीक्षण को झटका लगा है. हालांकि, इस घटना को छोड़कर 180 की रफ्तार से ट्रेन का परीक्षण पूरी तरह सफल रहा.
टक्कर से इंजन में मामूली टूट-फूट

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के लिए ट्रेन को पहले बिना ट्रायल के नागदा तक ले जाया गया. यहां से ट्रेन को परीक्षण के लिए रवाना किया गया. रामगंजमंडी और मोड़क के बीच 180 की रफ्तार से दौड़ती ट्रेन से अचानक एक गाय टकरा गई. इसके चलते ट्रेन करीब 25 मिनट मौके पर ही खड़ी रही. गाय की टक्कर से केटल गार्ड और इंजन के मामूली तौर पर क्षतिग्रत होने की जानकारी भी सामने आई थी. इस घटना के बाद ट्रेन को फिर से 180 की रफ्तार से दौड़ाया गया. कोटा पहुंचकर ट्रेन का परीक्षण पूरा हो गया. इस ट्रेन का परीक्षण लबान स्टेशन तक करना था. लेकिन फिर आगे नहीं किया गया.

दो घंटे में कोटा पहुंची परीक्षण ट्रेन



यह ट्रेन नागदा से दोपहर 1 बजे रवाना हुई और 2 घंटे बाद 3 बजे कोटा पहुंची. अगर रास्ते में ट्रेन से गाय नहीं टकराती, तो यह करीब डेढ़ घंटे में ही नागदा से कोटा पहुंच जाती. राजधानी ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नागदा से कोटा तक करीब सवा दो घंटे में पहुंचती है. वहीं 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अन्य सुपरफास्ट ट्रेनें करीब ढाई घंटे में नागदा से कोटा पहुंचती हैं.

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