कोटा रेल मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी रूटों पर लगाए ‘कलर लाइट सिग्नल’, वक्त पर भी चलेंगी ट्रेनें

इससे गाड़ियों की समय पालना शत-प्रतिशत मेंटेन करने में मदद मिलेगी.

इससे गाड़ियों की समय पालना शत-प्रतिशत मेंटेन करने में मदद मिलेगी.

Safety of Rail Passengers: पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाया है. इसके तहत पश्चिम मध्य रेलवे ने अपने जोन के सभी रूटों पर शत-प्रतिशत कलर लाइट सिग्नल लगा दिए हैं.

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कोटा. ट्रेनों के निर्बाध संचालन के लिए पश्चिम मध्य रेलवे (West central railway) के सभी रूटों को कलर लाइट सिग्नल प्रणाली (Color light signal system) से लैस कर दिया गया है. इसके लिये रेल प्रशासन लंबे समय से प्रयासरत था. अब पश्चिम मध्य रेलवे भी सभी रूटों पर शत-प्रतिशत कलर लाइट सिग्नल में परिवर्तित करने वाले जोन की अग्रिम पंक्ति (Front Line) में शामिल हो गया है.

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजय कुमार पाल ने बताया कि इस उच्च तकनीकी एवं संपूर्ण सुरक्षित प्रणाली के सिग्नलों के लगने से रेलगाड़ियों की संरक्षा एवं सुरक्षा (Safety And Security) दोनों में गुणात्मक सुधार होगा. इस साल कोरोना महामारी (Corona Epedemic) की आपदा को अवसर में बदलते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने वर्ष 2020-21 में यह उपलब्धि हासिल कर ली है.

ये विशेषताएं हैं इस अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की

- कलर लाइट सिग्नल की रात्रि में दृश्यता (Visibillity) अधिक होती है.
- इसलिए ये ट्रेन चालकों को काफी दूर से और स्पष्ट दिखाई दे जाते हैं. इससे वे अपनी ट्रेनों की गति (Train Speed) को मेंटेन करते हुए चलते हैं.

- यहां तक कि प्रतिकूल मौसम (Adverse Weather) एवं कोहरे के समय में भी ड्राइवर को कलर लाइट सिग्नल दूर से ही आसानी से दिख जाते हैं.

- कलर लाइट सिग्नल प्रणाली अन्य दूसरी सिग्नल प्रणालियों की तुलना में अत्यधिक विश्वसनीय एवं सुरक्षित (Reliable And Secure) होती है.



- कलर लाइट सिग्नल प्रणाली में मानवीय भूल नगण्य रहती है. इसमें सिग्नल फेल्योर (Signal Failure) की संभावना कम ही रहती है.

- कलर लाइट सिग्नल का अनुरक्षण आसान होता है. इसमें न्यूनतम मैन पावर9(Minimum Man Power) की जरूरत पड़ती है.

- पश्चिम मध्य रेल ने सभी 4943 सिग्नल को कलर लाइट सिग्नल में परिवर्तित कर दिया गया है.

- जबलपुर मंडल में 1674, भोपाल मंडल में 1481 एवं कोटा मंडल में 1788 सिग्नलों को कलर लाइट सिग्नल में परिवर्तित किया गया है.

समय की होगी बचत

उम्मीद की जा रही है कि कलर लाइट सिग्नल के चलते रेल गाड़ियों का संचालन अब सुचारू हो सकेगा. इससे गाड़ियों की समय पालना शत-प्रतिशत मेंटेन करने में मदद मिलेगी. यात्रियों की यात्रा के समय में बचत होने से वे समय पर अपने गंतव्य पर पहुंचेंगे.

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