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राजस्थान के कोटा में फंसे छात्र लौट सकेंगे घर, 5 राज्यों से हो गई है बात: गहलोत

अशोक गहलोत ने कहा कि, प्रवासी मजदूरों का पैदल अपने गंतव्य के लिए रवाना होना पीड़ादायक है. (फाइल फोटो)
अशोक गहलोत ने कहा कि, प्रवासी मजदूरों का पैदल अपने गंतव्य के लिए रवाना होना पीड़ादायक है. (फाइल फोटो)

अशोक गहलोत ने बताया कि कोटा में फंसे छात्रों के बारे में 5 राज्यों से बात हो गई है. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम और गुजरात ने छात्रों को गृहराज्य लौटने पर सहमति दे दी है.

  • News18India
  • Last Updated: April 21, 2020, 10:18 AM IST
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नई दिल्ली. राजस्थान के कोटा (Kota) में रह रहे हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर है. अचानक लॉकडाउन (Lockdown) लगने के कारण कोटा में फंसे छात्रों का घर लौटने का रास्ता साफ हो गया है. राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को देश के गृह मंत्री अमित शाह से इस बारे में बात की. उन्होंने बताया कि पांच राज्यों से बात बन गई है. कोटा में देशभर से हजारों छात्र कोचिंग के लिए आते हैं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से चर्चा के बाद मीडिया के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बताया कि पूरे देश में राज्य के लोग फंसे हुए हैं. उनकी घर जाने की मांग पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय करने की जरूरत है. केन्द्र सरकार से इस विषय पर कई बार चर्चा की गई.

राजस्थान में देशभर के हजारों छात्र आकर कोचिंग करते हैं. गहलोत ने बताया कि इन छात्रों को भी घर तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है. इस बारे में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत हो गई है. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम और गुजरात के मुख्यमंत्रियों ने इस पर सहमति दे दी है. जल्द ही इन राज्यों के छात्र अपने घर के लिए रवाना होंगे.



अशोक गहलोत ने गृहमंत्री से कहा कि लॉकडाउन के चलते राजस्थान में अटके प्रवासियों को अपने घर जाने का मौका दिया जाए. इसी तरह विभिन्न प्रदेशों में रह रहे राजस्थानियों को अपने प्रदेश लौटने दिया जाए. ये लोग अपने गृह राज्य से गहरा लगाव रखते हैं., राज्य सरकार उन्हें भी एक बार अपने गांव आने का अवसर देने के लिए प्रयासरत है.
अशोक गहलोत ने बताया कि उन्होंने दूरदर्शन के माध्यम से स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम के प्रसारण की भी मांग की है. दूरदर्शन की पहुंच दूरदराज के गांवों तक है. ऐसे में यह लॉकडाउन के वक्त छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है क्योंकि अभी सभी स्कूल बंद हैं. उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को कहा गया है कि वे जून तक की फीस अभी ना लें.

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