Assembly Banner 2021

Rajasthan Day: कोटा जेल में 24 कैदियों की रिहाई पर मना जश्न, गीता लेकर निकले बंदी

जेल की चारदीवारी से खुले आसमान के नीचे पहुंचे कैदियों के चेहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं था.

जेल की चारदीवारी से खुले आसमान के नीचे पहुंचे कैदियों के चेहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं था.

Rajasthan Day Celebration: राज्य सरकार ने राजस्थान दिवस पर 86 कैदियों को रिहा करने का किया फैसला. वृद्ध और गंभीर बीमारियों से ग्रसित कैदियों को रिहा किया गया. कोटा जेल से 24 कैदियों को उनकी रिहाई पर दी गई शानदार विदाई.

  • Share this:
कोटा. अपने अपराधों की जेलों में सजा भुगत रहे वृद्ध एवं गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कैदियों (Prisoners) के अच्छे व्यवहार को देखते हुए उनकी सजा खत्म होने से पहले ही राज्य सरकार ने राजस्थान दिवस (Rajasthan Day) पर मंगलवार को उनको रिहा कर दिया. इस कड़ी में कोटा में 24 कैदियों को रिहा (Released) किया गया. राज्य सरकार की पहल पर जेल से कुल 86 कैदियों को रिहा किया जाना है. इस दौरान संभागीय आयुक्त कैलाशचंद मीणा ने रिहा होने वाले कैदियों से कहा कि वे अपने गुनाहों का पश्चाताप उन परिवारों से माफी मांग कर करें जो जाने अनजाने में आपके द्वारा किए गए अपराध का शिकार हुए थे. इस मौके पर प्रदेशभर में बड़ी संख्या में कैदियों को रिहा किया गया है.

जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने बताया कि ये वह कैदी थे जिनका सजा के दौरान जेल में आचरण अच्छा रहा था. वहीं ज्यादातर कैदी अपनी अधिकांश सजा को भुगत चुके थे. मंगलवार को राजस्थान दिवस पर जेल परिसर में कैदियों की रिहाई एक जश्न के रूप में हुई. कोटा जेल की आर्केस्ट्रा ने सुरीले गीतों से कैदियों की रिहाई पर समा बांध दिया और गीतों से बड़े संदेश भी दिये. जेल से रिहाई के दौरान सभी कैदियों को गीता भी भेंट की गई और उनसे समाज की मुख्यधारा में लौटकर समाज हित में अपना बाकी का जीवन गुजारने की अपील भी की गई.

Youtube Video




कैदियों के चेहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं था
जेल की चारदीवारी से खुले आसमान के नीचे पहुंचे कैदियों के चेहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं था. रिहा होने वाले कैदियों ने राजस्थान सरकार की पहल की सराहना की. वहीं कैदियों ने अपने गुनाह से भी तोबा कर शेष जीवन समाज की मुख्यधारा से जुड़कर समाज हित में कार्य करने का संकल्प लिया. कोटा जेल से मंगलवार को 24 कैदियों को सम्मान के साथ रिहा किया गया. शेष बचे कैदियों को उनके जुर्माने की राशि जमा किए जाने के बाद सूची अनुसार रिहा किया जाएगा.

कैदियों ने जेल में रहकर पूरे किये बड़े मिशन
रिहा हुआ कैदियों में फूलचंद जैसे कैदी भी शामिल हैं. फूलचंद रिहाई के बाद खासे खुश नजर आए. फूलचंद ने बताया कि सजा के दौरान खुली जेल में उसने अपने बच्चे को इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा को कामयाबी के साथ पास कराने का मिशन पूरा किया. उनके बेटे का आईआईटी कानपुर में दाखिला हो गया. ऐसी कई दिलचस्प किस्से, कहानियां लेकर रिहा हुए कैदी अपने घर लौटे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज