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राजस्थान: कोटा बैराज डैम में यूरोप से पहुंचे विदेशी मेहमान 'सीगल'

News18 Rajasthan
Updated: December 4, 2019, 1:49 PM IST
राजस्थान: कोटा बैराज डैम में यूरोप से पहुंचे विदेशी मेहमान 'सीगल'
यूरोप से 2000 किलोमीटर का सफर तय करके 'सीगल' कोटा के हाड़ौती पहुंचे हैं.

हाड़ौती में यूरोप (Europe) से बडी संख्या में सीगल (Segal Bird) नामक पक्षी आए हैं. ये पक्षी कोटा के कोटा बैराज डैम (Kota Barrage Dam) की अपस्ट्रीम, किशोरसागर तालाब, अलनिया डैम में बड़ी संख्या में एक साथ नजर आ रहे हैं.

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कोटा. सर्दी का मौसम शुरू होते ही हाड़ौती (Hadauti) अंचल के जलाशयों में अप्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगने लगा है और इन मेहमान पक्षियों (Migaratory Birds) की अठखेलियों से क्षेत्र के जलशाय गुलजार भी होने लगे हैं. अप्रवासी पक्षियों के आने से बर्ड वॉचरों (Bird Wather) में काफी उत्साह देखा जा रहा है. पक्षियों को देखने आ रहे लोग उन्हें दाना और पानी डाला जा रहा है. आपको बता दें, हाड़ौती में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है. यहां का वातावरण अप्रवासी पक्षियों के अनुकूल हो गया है. इस बार हाड़ौती में यूरोप से बडी संख्या में सीगल नामक पक्षी आए हैं. ये पक्षी कोटा के कोटा बैराज डैम की अपस्ट्रीम, किशोरसागर तालाब, अलनिया डैम में बड़ी संख्या में एक साथ नजर आ रहे हैं.

वर्डवॉचर इन्हें डाल रहे हैं दाना

कोटा बैराज डैम की अपस्ट्रीम में बांध के गेट के पास करीब 200 से ज्यादा की संख्या में इन पक्षियों ने अपना डेरा जमा रखा है. सूरज के निकलने से लेकर शाम होने तक कबूतर के आकार से बड़े और मछलियों व केकड़ों का शिकार करने वाले यह पक्षी दिनभर बर्ड वॉचरों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. इन्हें देखने पहुंच रहे लोग पक्षियों को दाना डाल रहे हैं.

ये यहां 2000 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे

यूरोप से सीगल पक्षी हर साल सर्दियों के दिनों में हाड़ौती अंचल में आते है. ये विशेष तौर पर ठंडी जगह और समुद्री इलाकों में पाए जाते हैं. सर्दियों के प्रवास के दौरान सीगल औसतन लगभग 2 हजार किलोमीटर का सफर तय करते हैं. इनका जीवन काल काफी लंबा होता है और प्राकृतिक आवास में सीगल लगभग 49 साल तक जिंदा रहते हैं.



कोटा बैराज डैम अपस्ट्रीम के पास झुंड के झुंड पहुंच रहे
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कोटा के बर्डवॉचर अब्दुल हनीफ जैदी का कहना है कि कोटा बैराज डैम अपस्ट्रीम में सीगल पक्षी पहली बार बांध के गेट के पास देखे जा रहे है. इन पक्षियों को देखने के लिए बडी संख्या में बर्ड वॉचर, शहरवासियो और देशी सैलानी पहुंच रहे हैं. दिनभर कोटा बैराज अपस्ट्रीम में यह यूरोप का सीगल अपवासी पक्षी आकाश में परवान भरते, छोटी मछलियों और केकड़े का शिकार करते नजर आते हैं.

(कोटा से अर्जुन अरविंद की रिपोर्ट)

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First published: December 4, 2019, 1:49 PM IST
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