इस जेल में कैदियों ने बनाया आर्केस्ट्रा ग्रुप, परफॉर्मेंस से जीत रहे लोगों का दिल

कोटा के जेल प्रशासन के अनूठे प्रयास के तहत कैदियों का आर्केस्ट्रा बैंड तैयार करवा दिया. यह बैंड शादी समारोह में भी परफॉर्म करता है.

Shakir Ali | News18 Rajasthan
Updated: July 3, 2019, 12:43 PM IST
Shakir Ali
Shakir Ali | News18 Rajasthan
Updated: July 3, 2019, 12:43 PM IST
देश और प्रदेश की जेलों में कैदियों की जिदंगी में बदलाव लाकर उसे खुशहाल बनाने के लिए सुधार के कई प्रयास किए जाते हैं. इस कड़ी में आज हम आपको कोटा में स्थित एक जेल के बारे में बता रहे हैं, जहां जेल प्रशासन के अनूठे प्रयासों से ऐसा आर्केस्ट्रा बैंड तैयार किया गया है, जिसमें कैदी संगीत से न सिर्फ अपनी जिदंगी में बड़ा बदलाव कर रहे हैं, बल्कि शादी समारोह समेत कई आयोजनों में सुरों का जादू बिखेर रहे हैं.

शादी समारोह में करते हैं परफॉर्म 

कोटा की सेन्ट्रल जेल में रियाज कर रहे कैदी अब संगीत को अपनी जिदंगी का अहम हिस्सा बना चुके हैं. बता दें कि जेल में तैयार हुआ यह आर्केस्ट्रा बैंड अब शहर में होने वाले शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों में सुरों का जादू बिखेर रहा है. आर्केस्ट्रा बैंड तैयार करने के लिए विभाग से मंजूरी ली गई, फिर कैदियों में छिपे कलाकारों की तलाश की गई. इसके बाद करीब 6 महीने मिली स्पेशल ट्रेनिंग ने इनकी जिदंगी को बदल कर रख दिया है.

आर्केस्ट्रा पार्टी को मिल रहीं एडंवास में कई बुकिंग्स 

अब यह आर्केस्ट्रा पार्टी शहरवासियों के दिलो दिमाग पर छाने लगी है. यही वजह है कि कैदियों की इस आर्केस्ट्रा पार्टी को एडंवास में कई बुकिंग्स मिल रही है, जिसकी कमाई का आधा हिस्सा कैदियों के बैंक अकांउट में जमा हो रहा है और बाकि का हिस्सा साजो-सामान की खरीद और सांरसंभाल में इस्तेमाल हो रहा है.

जेल प्रशासन ने की संगीत पार्टी के लिए विशेष व्यवस्था

इस आर्केस्ट्रा पार्टी के साथ बकायदा कोटा जेल से सुरक्षाकर्मी साथ जाते हैं और कैदी अपना परफॉर्मेंस देकर सुरक्षाकर्मियों के साथ ही वापस लौट आते हैं. खास बात यह है कि जेल प्रशासन इस संगीत पार्टी के लिए विशेष व्यवस्था भी करता है. पुराने बंदी को नए गाने सुनाए जाते हैं और सुर ताल की ट्रेनिंग नए अंदाज के साथ दी जाती है, जिसको सीखने की ललक कैदियों में ऐसी है कि अब कई कैदी आर्केस्ट्रा का हिस्सा बनकर संगीत से भावात्मक रिश्ते जोड़कर अपने आप को न सिर्फ बदलना चाहते हैं बल्कि आमदमी भी करना चाहते हैं. फिलहाल 20 कैदी अपनी जेल के प्रशिक्षित कैदियों से सुरों का ज्ञान हासिल कर रहे हैं.
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 शहर में जाकर देते हैं परफॉर्मेंस 

गौरतलब है कि जेलों में कैदियों के बैंड के बारे में आपने पहले भी सुना होगा. भोपाल, चंडीगढ ओर तिहाड़ जेल में कैदियों के बैंड तैयार किए गए है, लेकिन उनको सिर्फ सरकारी प्रोग्राम में ही अपनी परफॉर्मेंस दिखाने का मौका मिलता है. वहीं कोटा के कैदियों की यह आर्केस्ट्रा पार्टी बकायदा शहर में और शहर से बाहर भी जाकर शादी समारोह सहित सरकारी और गैरसरकारी कार्यक्रमों में पहुचकर अपने सुरों का जलवा बिखेर रही है. यही नहीं धार्मिक आयोजनों के लिए भी इस आर्केस्ट्रा पार्टी के सदस्य पूरी तरह से पारगंत हो गए हैं.

संगीत ने  बदली कैदियों की जिंदगी

सरकारी आयोजनों में यह आर्केस्ट्रा पार्टी नि:शुल्क परफॉर्मेंस दे रही है, जबकि निजी आयोजनों से मिल रही फीस से इनकी जिदंगी सवरंने लगी है. आर्केस्ट्रा पार्टी का हर सदस्य खुद को खुशनसीब मानने लगा है कि जिदंगी के इस मुकाम पर संगीत ने उनकी दुनिया बदल दी है.

जिदंगी में बड़े बदलाव का जरिया बना संगीत

कोटा जेल में कैदियों के लिए संगीत न सिर्फ उनकी जिदंगी में बड़े बदलाव का जरिया बन रहा है, बल्कि रोजगार से भी कैदियों को जोड़ने का बडा माध्यम बनता जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि कोटा जेल प्रशासन की कैदियों की जिदंगी में सुनहरे रंग भरने की यह पहल प्रदेश और देश के दूसरे जेलों के लिए भी नजीर बनें, ताकि गुनाहों से नाता तोड़, रोजगार से जुड़कर कैदियों की बाकि जिदंगी खुशहाल हो सके.

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First published: July 3, 2019, 6:48 AM IST
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