COVID-19: तीन दोस्त एक साथ मिले थे कोरोना पॉजिटिव, ठीक होते ही किया ये नेक काम
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COVID-19: तीन दोस्त एक साथ मिले थे कोरोना पॉजिटिव, ठीक होते ही किया ये नेक काम
तीन दोस्तों ने प्लाज्मा डोनेट किया.

राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) में प्लाज्मा डोनेशन (Plasma Donation) को लेकर संस्थागत स्तर पर काम किया जा रहा है. यहां तीन दोस्तों ने एक साथ प्लाज्मा डोनेट किया.

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कोटा. राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) में प्लाज्मा डोनेशन (Plasma Donation) को लेकर बेहतरीन कार्य होने का दावा किया जा रहा है. प्रदेश में कोटा अब प्लाज्मा डोनेशन के नाम पर भी जाना जाने लगा है. प्लाज्मा डोनेशन में मुख्य भूमिका निभा रही टीम जीवनदाता के प्रयास से एक साथ बीते शनिवार को तीन मित्रों ने प्लाज्मा डोनेशन किया. टीम जीवनदाता के संयोजक व लायंस क्लब के जोन चेयरमैन भुवनेश गुप्ता ने बताया कि ये तीनों मित्रों ने एक साथ स्कूलिंग की, बीटेक की पढ़ाई की, एक साथ रहते हैं, एक साथ कोरोना संक्रमित हुए और उसके बाद एक साथ नेगेटिव भी हुए.

भुवनेश के मुताबिक कुछ करने की चाहत से एक साथ तीनों ने प्लाज्मा डोनेशन भी एक ही दिन में एक साथ किया. इनके इस कार्य की परिवार ही नहीं शहरभर में चर्चा हो रही है. संभवतया ये प्रदेश का पहला मामला है, जब एक साथ इस तहर का संयोग बना होगा. तीनों मित्रों ने बताया कि वह इस महामारी से हो रही लोगों की पीड़ा को कुछ कम करना चाहते हैं. उन्होंने कोरोना महामारी की पीड़ा के साथ परिवार में विकट हालातों को देखा है.

इन्होंने किया प्लाज्मा दान
रंगबाड़ी निवासी अमित सिंह जादौन (21), ओ पॉजिटिव, स्वामी विवेकानंद नगर निवासी तुषार सेन, (22) बी पॉजिटिव और महावीर नगर विस्तार योजना निवासी परमेश प्रजापति (23) बी पॉजिटिव ने एक साथ प्लाज्मा डोनेशन किया. इन लोगों को यहां तक लाने वाले रजनीश खण्डेलवाल थे. कभी रक्तदान नहीं किया, लेकिन दूसरे के जीवन को बचाने के लिए आगे आए अमित ने कभी जीवन में रक्तदान नहीं किया. मित्रों के कहने से कुछ समय पूर्व ही जन्म दिवस पर रक्तदान करने गया था, लेकिन सुई को देखकर वापस आ गया. वहीं तुषार के परिवार में अधिकांश सभी लोग पॉजिटिव आए थे. तब उसने हिम्मत नहीं हारी और पूरे परिवार को हौंसला दिया और आवश्यक कार्य भी किए. परिवार के सदस्यों को डिपरेशन में भी नहीं आने दिया. तीनों मित्रों में सबसे समझदार व जागरूक परमेश ने पहले भी 12 बार रक्तदान किया है. एक बार एसडीपी डोनेट कर चुका है और यहां आने से पहले नेट के माध्यम से प्लाज्मा के बारे में पूरी जानकारी जुटाई और प्लज्मा डोनेशन किया.
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