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Kota News: 5 दिन में बचाई 5 ज‍िन्‍दग‍ियां, पढ़ें जांबाज पुल‍िसवालों के जज्‍बे को सलाम करने वाली तीन कहान‍ियां

राजस्‍थान की कोचिंग सिटी में इन दिनों कोटा पुलिस के जवानों ने वह काम कर दिखाया, जिससे उनकी छवि फरिश्ते सी नजर आने लगी है.

राजस्‍थान की कोचिंग सिटी में इन दिनों कोटा पुलिस के जवानों ने वह काम कर दिखाया, जिससे उनकी छवि फरिश्ते सी नजर आने लगी है.

Rajasthan News: अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले कोटा पुल‍िस के ये तीन पुलिसकर्मी इन दिनों सबकी आंखों का तारा बने हुए हैं. फूल मालाओं से इनका स्वागत किया जा रहा है और इनके जज्बे को सलाम किया जा रहा है.

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पुलिस का नाम आते ही जहन में खाकी की सख्त छवि सामने आती है लेकिन राजस्‍थान की कोचिंग सिटी में इन दिनों कोटा पुलिस के जवानों ने वह काम कर दिखाया, जिससे उनकी छवि फरिश्ते सी नजर आने लगी है. पुलिस के जवान ऐसे मददगार बने की बीते 5 दिनों में उन्होंने 5 जिंदगियां बचाई और खाकी की चमक में सितारों जैसा काम किया. आपको बताते हैं कोटा पुलिस के जांबाज सिपाहियों की रिपोर्ट जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान पर खेल गए और लोगों की जिंदगी है बचाने में कामयाब रहे.

अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मी इन दिनों सबकी आंखों का तारा बने हुए हैं. फूल मालाओं से इनका स्वागत किया जा रहा है और इनके जज्बे को सलाम किया जा रहा है. यह सम्मान इनको मिलना बेहद जरूरी भी है, क्योंकि इन जवानों ने जो काम किया है वह किसी फरिश्ते से कम नहीं है. आपको बताते हैं क‍ि उन घटनाक्रमों को जहां यह जवान पहुंचे और जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे लोगों को जिंदा बाहर निकाल कर सुरक्षित बचा लाए.

केस नंबर एक: तारीख 3 अप्रैल,
जगह- कोटा की सकतपुरा नहर
यहां 30 फीट गहरी नहर में गिरे 5 साल के मासूम को बचाने के लिये नहर में एक मां कूदी पड़ी तो वह संभल नहीं पाई. खुद की जान को दांव पर लगाकर अपने मासूम बेटे को बचाने के लिये वह नहर में जा कूदी लेकिन नहर की गहराई इतनी की वह संभल नहीं सकी. यह नजारा देख वहां भीड़ तो जमा हो गई लेकिन नहर की गहराई देख कोई तैराक सामने नहीं आया. तभी उसी इलाके में तैनात कांस्टेबल किशनगोपाल को इसकी सूचना मिली तो मौके पर पहुंचते ही उन्‍होंने बगैर देर कएि नहर में छलांग लगा दी और फिर मां और बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. जब महिला को बाहर निकाला गया तो पता चला की वह गर्भवती थी. यानि किशनगोपाल ने दो नहीं बल्कि एक साथ 3 जिंदगियों को अपनी जान पर खेलकर बचाया. कांस्टेबल किशनगोपाल यादव के इस जज़्बे को सब सलाम कर रहे है और वो भी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.



केस नंबर दो: तारीख 4 अप्रैल,
जगह: कोटा का गुमानपुरा की नहर
ऐसा ही मामाला कोटा शहर के गुमानपुरा थाना इलाके में भी नहर पर देखने को मिला. यहां 4 अप्रैल को एक महिला नहर के किनारे कचरा बीनते वक्त अचानक नहर में जा गिरी. नहर में पानी का बहाव कम था ऐसे में महिला के चीखने की आवाज जैसे वहां से गुजर रहे कांस्टेबल रवि को सुनाई दी, तो उसने अपनी बाइक को छोड़ तुरंत नहर में कूद गया और महिला की जान बचाई. कांस्टेबल महिला को नहर में पकड़कर बैठा रहा क्योंकि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त भी थी, जब निगम की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तो रस्सों की मदद से महिला और कांस्टेबल रवि कुमार को बाहर निकाला गया.

केस नंबर तीन: तारीख 7 अप्रैल
जगह: चंबल पुलिया
यही नहीं 7 अप्रैल को शहर में घटी तीसरी घटना ने भी खाकी फरिश्ता बनकर आई. जब एक युवक ने नयापुरा चंबल पुलिया से छलांग लगा दी. युवक आत्महत्या करने तो कूद तो गया था. पुलिया से कूदते वक्त वहां मौजूद कांस्टेबल ने उसे देख लिया. जैसे ही युवक चंबल नदी में कूदा तो तत्काल ही कांस्टेबल चेतराम चौधरी ने भी युवक को बचाने के लिए चंबल नदी में छलांग लगा दी और आत्महत्या के इरादे से कूदे युवक की जान बचाई.

कोटा पुलिस के इन जांबाज सिपाहियों का पुलिस अधिकारियों के साथ साथ शहरवासी भी सम्मान कर रहे हैं. उनके जज्बे को सैल्यूट कर रहे हैं कोरोना काल में भी राजस्थान पुलिस की सख्त छवि के पीछे मानवता और इंसानियत का पैगाम देने की तस्वीरें हम सब ने देखी है. वहीं अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाने वाले कोटा पुलिस के जवानों ने खाकी के मान में इजाफा कर खाकी की मददगार छवि का चेहरा भी सबके सामने रख दिया है.
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