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Rajasthan News : वसुंधरा राजे खेमे ने चिंतन शिविर में किया पार्टी की कमियों पर गहन मंथन

कोटा में आयोजित चिंतन शिविर में अपनी बात रखते वक्ता.

कोटा में आयोजित चिंतन शिविर में अपनी बात रखते वक्ता.

वसुंधरा राजे की उपेक्षा को रोकने और आगामी चुनाव में प्रदेश में राजे के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का सुझाव आज भाजपा राजे खेमे के नेताओं ने राजनीति चिंतन शिविर करके पार्टी हाईकमान को दिया है.

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कोटा. राजस्थान (Rajasthan) प्रदेश के हाड़ोती संभाग को जनसंघ के जमाने से भाजपा (BJP) का गढ़ माना जाता है. वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) खेमे के भाजपा नेताओं का कहना है कि वर्तमान में कोटा (Kota) संभाग में एक विशेष व्यक्ति के इशारे से पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव (Panchayat Raj, Municipal Body Election) में प्रभारी नियुक्त किए गए और टिकटों का बंटवारा किया गया. जिसका नतीजा यह रहा कि बीजेपी अपने गढ़ में कांग्रेस से चुनाव में मात खा गई. बीजेपी पार्टी का सब जगह सूपड़ा साफ हो गया.

अप्रैल में कोटा में होगी विशाल रैली

नगर निकाय चुनाव के परिणाम से भाजपा का ग्राफ हाडोती में लगातार गिरता जा रहा है. भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की उपेक्षा को रोकने और आगामी चुनाव में प्रदेश में राजे के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का सुझाव आज भाजपा राजे खेमे के नेताओं ने राजनीति चिंतन शिविर करके पार्टी हाईकमान को दिया है. यह चिंतन शिविर बूंदी रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित किया गया. कोटा, बूंदी, बारां व झालावाड़ के प्रमुख भाजपा नेताओं ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नाकामियों को लेकर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे की अगुवाई में अप्रैल माह में कोटा में विशाल रैली करने का निर्णय लिया है. जिसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह और प्रभारी अरुण सिंह को भी आमंत्रित किया जाएगा.

कांग्रेस की नाकामियों पर चर्चा

भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस राज को ढाई साल हो गए. प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है. पूरे राज्य में सड़कें उधड़ी पड़ी हैं. बिजली के बिलों की बढ़ोतरी के कारण हजारों लोगों ने कनेक्शन कटवा लिए. भाजपा शासन की पेयजल, सिंचाई व अन्य योजनाएं ठप्प पड़ी हुई हैं. कोरोनाकाल में 8 महीने से स्कूल बन्द थे, फिर भी अभिभावकों का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में दमदारी से नहीं रखने के कारण 70 लाख अभिभावकों से पूरी फीस ली जा रही है. ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि वसुंधरा राजे को आगामी मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करके ही भाजपा चुनाव मैदान में उतरे. तब ही कांग्रेस के कुशासन से जनता को मुक्ति मिल सकती है.

याद की वसुंधरा राजे की कार्यशैली

भाजपा के पूर्व संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत द्वारा एक होटल में आयोजित किए गए चिंतन शिविर में जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार ने कहा कि लगातार केन्द्र में रहते हुए और राज्य की 2 बार मुख्यमंत्री रहते हुए वसुंधरा राजे ने राजस्थान की कायापलट कर दी थी. विकास के नए आयाम स्थापित कर दिए. जनादेश यात्राओं की आंधी लाने वाली वसुंधरा राजे ने जनता की पीड़ा व उनके दुख-दर्द को अच्छी तरह समझा. पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज आलाकमान वसुंधरा राजे को दूर रखकर निगम चुनाव, पंचायत चुनाव व स्थानीय निकाय चुनाव करवाकर देख रहा है और परिणाम भी भुगत रहा है. पार्टी की ऐसी दुर्गति देखकर आम कार्यकर्ता चिंतित है. ऐसे में वसुंधरा राजे ही एकमात्र विकल्प हैं, जो पार्टी में नई जान डाल सकती हैं.

राजे की अगुवाई पार्टी के लिए जरूरी

वहीं पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल ने अपने भाषण में कहा कि आजादी के बाद जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक की यात्रा में कोटा को अभेद्य दुर्ग माना जाता था. हमारे नेताओं ने खून-पसीने से सींचकर इस संगठन को इसलिए खड़ा नहीं किया कि त्याग, तपस्या और बलिदान पर टिका यह संगठन चंद हाथों की कठपुतली बन जाए. कुछ लोग आज मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, लेकिन मैं दावा करता हूं कि वसुंधरा राजे के नेतृत्व के बगैर राज वापस नहीं आ सकता.

पार्टी में संतुलन बनाना बेहद जरूरी

राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्याम शर्मा ने कहा कि पार्टी को लाखों कार्यकर्ताओं ने अपने पसीने के दम पर खड़ा किया है. आज व्यक्ति विशेष के इशारे पर संगठन में पदाधिकारी बनाना, चुनाव में प्रभारी बनाना, टिकिट देना, यह तो शुरुआत है. अगर संतुलन नहीं बनाया गया और निष्पक्ष कार्यशैली नहीं रखी गई तो पार्टी को गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे. शिविर में पूर्व विधायक विद्याशंकर नन्दवाना, पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा, बारां जिलाध्यक्ष जगदीश मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार, बूंदी के पूर्व जिलाध्यक्ष महीपत सिंह हाड़ा, कोटा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश विजयवर्गीय, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रह्लाद पंवार, कई वर्तमान मण्डल अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच व प्रमुख नेता उपस्थित थे.

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