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राहत: कोटा से मध्यप्रदेश के 4000 स्टूडेंट्स भी 150 बसों से घर के लिए हुए रवाना

इस दौरान सभी स्टडूेंट्स की स्क्रिीनिंग की गई.
इस दौरान सभी स्टडूेंट्स की स्क्रिीनिंग की गई.

लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कोचिंग सिटी कोटा में फंसे मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के स्टूडेंट्स के लिए राहत की खबर है. मध्यप्रदेश सरकार ने कोटा में फंसे अपने प्रदेश के करीब 4 हजार स्टूडेंट्स को ले जाने के लिए 150 बसें कोटा भेजी हैं.

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कोटा. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कोचिंग सिटी कोटा में फंसे मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के स्टूडेंट्स के लिए राहत की खबर है. मध्यप्रदेश सरकार ने कोटा में फंसे अपने प्रदेश के करीब 4 हजार स्टूडेंट्स को ले जाने के लिए 150 बसें कोटा भेजी हैं. इन बसों से स्टूडेंट्स का मध्य प्रदेश रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया है. मध्यप्रदेश सरकार ने इस मिशन को पूरा करने के लिए अपने 3 प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजा है. ग्वालियर के ज्वॉइंट कलक्टर दिनेश शुक्ला के साथ दो अन्य प्रशासनिक अधिकारी कोटा के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर स्टूडेंट्स को बसों से रवाना कर रहे हैं.

कोटा में तीन स्थानों से स्टूडेंट्स को किया जा रहा है रवाना
बुधवार को सुबह से कोटा के तीन स्थानों से बसों को मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया जाना शुरू किया गया है. कोटा के कुन्हाड़ी, राजीवनगर और झालावाड़ रोड स्थित बनाए गए बस स्टेंड्स से इन स्टूडेंट्स को जिलेवार बसों में बैठाया जा रहा है. कई स्टूडेंट्स के साथ उनके अभिभावक भी हैं जो अब अपने बच्चों के साथ घर लौट रहे हैं.

सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ध्यान रखने के निर्देश
कोटा के एडीएम नरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि स्टूडेंट्स को कोटा से भेजने के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं. स्टूडेंट्स की रवानगी के लिए पुलिसकर्मियों तैनात किया गया है ताकि सोशल डिस्टेन्स को कायम रखा जा सके. इसके साथ ही चिकित्सा विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं. हर बच्चे की स्क्रिीनिंग की जा रही है. उसके बाद ही उनको बसों में बिठाया जा रहा है. स्टूडेंट्स को खाने और नाश्ते के पेकेट्स के साथ मास्क, ग्लबस व सेनेटाइजर भी दिया जा रहा है.



मध्यप्रदेश में ऐसे पहुंचाया जाएगा स्टूडेंटस को घर तक
ग्वालियर के ज्वाइंट कलक्टर दिनेश शुक्ला ने बताया कि एमपी सरकार की ओर से वहां 6 नाके शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर, नीमच ओर श्योपुर बनाए हैं. ये सभी बसें इन नाकों पर पहुंचेगी. वहां से 10-10 जिलों को कवर किया जाएगा और स्टूडेंट्स को उनके जिलों की बसों में वहां से बैठाकर घर पहुंचाया जाएगा. इसकी जिम्मेदरी संबंधित जिलों के कलक्टर्स दी गई है. मध्यप्रदेश पहुंचते ही सीमा पर सभी स्टूडेंट्स की स्क्रिीनिंग की जाएगी.

बसों को किया गया सेनेटाइज
इससे पहले कोटा में एलन करियर केम्पस में सभी बसों को सेनेटाइज किया गया. दोपहर तीन बजे तक सभी बसों को रवाना कर दिया जाएगा. एमपी के इन स्टूडेंट्स में करीब 3000 बच्चे एलन से जुड़े हैं. शेष स्टूडेंटस अन्य कोचिंग इन्स्टीट्यूट के हैं. सुबह पहली बस एलन के साकार कैम्पस से रवाना हुई. इस दौरान एलन निदेशक नवीन माहेश्वरी अपने स्टाफ के साथ वहां मौजूद रहे. इससे पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 12 हजार कोचिंग स्टूडेंटस अपने-अपने घर पहु़ंच चुके हैं.

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