कोटा में कोरोना की रोकथाम को रोटेशन फॉर्मूला लागू, आज 0 और 1 नंबर वाले ऑटो चलेंगे

कोचिंग सिटी कोटा में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन ने ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू किया है.

Rotation Formula in Kota: कोटा में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रोटेशन फार्मूले के तहत चलेंगे ऑटो. आज जिन ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में 0 या 1 होगा, उन्हें ही परिचालन की अनुमति होगी. इसके बाद क्रमश- 2-3 और 4-5 नंबर वाले ऑटो चलेंगे.

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कोटा. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को कम करने के उद्देश्य से कोचिंग सिटी कोटा में आज से पुलिस ने ऑटो परिचालन के लिए नया सिस्टम लागू कर दिया है. इसके तहत अब शहर में रोटेशन फॉर्मूले से ऑटो चलाए जाएंगे. नई प्रणाली के तहत आज शहर में 0 ओर एक नम्बर वाले ऑटो ही चलेंगे. वहीं कल 2-3 और तीसरे दिन 4-5 नंबर वाले ऑटो चलेंगे. आगामी दिनों में इससे आगे के नंबर वाले ऑटो को ही सड़कों पर परिचालन की अनुमति मिलेगी. शहर में 10000 से अधिक ऑटो से कोरोना संक्रमण न फैले, इसके मद्देनजर प्रशासन ने यह व्यवस्था की है.

कोटा शहर में करीब 10,000 ऑटो रोज सड़कों पर दौड़ते हैं. लॉकडाउन के दौरान मरीजों की परेशानियों को देखते हुए आपातकालीन, मेडिकल व इमरजेंसी सेवा के लिए पुलिस ने ऑटो सेवा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की है. लेकिन ऑटो की बढ़ती संख्या की वजह से संक्रमण फैलने का भी खतरा है. इसलिए पुलिस ने नया फॉर्मूला लागू किया है. ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों से के साथ बैठक कर पुलिस ने इस प्रणाली को आज से लागू किया है. नए फॉर्मूले के तहत ऑटो चालकों को यूनिफॉर्म में रहने के साथ ही ऑटो से जुड़े दस्तावेज साथ में रखने होंगे.

ऑड-इवन फार्मूला नहीं हो पाया सफल
हालांकि पुलिस ने पिछले दिनों कोटा में कोरोना की रोकथाम के लिए ऑड-इवन फार्मूला लागू किया था. इसके तहत सम-विषम संख्या वाले ऑटो चलाने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन उसके बाद भी ऑटो की संख्या कम नहीं हुई. इसके बाद पुलिस ने 400 ऑटो को ही शहर में चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन इससे ऑटो चालकों में आक्रोश फैल गया. ऑटो चालकों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर सबको बारी-बारी से मौका देने की मांग की, जिसके बाद रोटेशन फॉर्मूला लागू किया गया है.

यह रहेगी व्यवस्था
कोटा के ट्रैफिक डीएसपी कालूराम वर्मा के मुताबिक आज रोटेशन प्रणाली के तहत जिन ऑटो के अंतिम में रजिस्ट्रेशन नंबर 0 ओर 1 है, वह शहर में चलेंगे. दूसरे दिन कल 2 और 3 नंबर, फिर इसके बाद रोटेशन प्रणाली के तहत ऑटो चलते रहेंगे. एक ऑटो चालक का 5 दिन बाद नंबर फिर से आएगा. माना जा रहा है कि संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए प्रणाली कारगर साबित हो सकती है.