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Kota News: मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में सर्च अभियान में मिला कंकाल, 7 महीने से गायब बाघ के मौत की आशंका

कोटा के मुकुंदरा टठाइगर हिल्स में बाघ को ढूंढने के लिए बड़ा सर्च अभियान शुरू किया गया है.

कोटा के मुकुंदरा टठाइगर हिल्स में बाघ को ढूंढने के लिए बड़ा सर्च अभियान शुरू किया गया है.

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में अगस्त से गायब बाघ को ढूंढने के लिए बड़ा सर्च अभियान शुरू किया गया है. इस दौरान गए एक कंकाल के मिलने से 7 महीने से गायब बाघ के मौत की आशंका जताई जा रही है.

  • Last Updated: February 27, 2021, 9:02 AM IST
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कोटा. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का एमटी- 1 बाघ अगस्त 2020 से नहीं मिल रहा है. गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही टाइगर रिजर्व में विजिबिलिटी बढ़ गई है. ऐसे में वन विभाग ने बाघ की तलाश तेज कर दी है. इसके लिए मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के 82 वर्ग किलोमीटर के इनक्लोजर में झाड़िया सूख जाने और विज़िबिलिटी बढ़ने पर एमटी- 1 बाघ का सर्च अभियान शुरू किया गया है. जिसमें मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के अलग-अलग  रेंज के 70 अधिकारी, कर्मचारी, विलेज वॉलिंटियर्स बाग सर्च ऑपरेशन में तैनात किए गए हैं.

सर्च अभियान के दौरान सर्च टीम को एक वन्यजीव का पुराना कंकाल मिला है. इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलने पर मुख्य वन संरक्षक व क्षेत्र निदेशक मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, उप वन संरक्षक मुकुंदरा राष्ट्रीय उद्यान द्वारा वरिष्ठ पशु चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंचकर वन्यजीव के कंकाल को देखा. कंकाल में कैनाइन स्पष्ट पाए गए हैं. मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व द्वारा वन्यजीव के कंकाल को डीएनए टेस्ट के लिए वन्यजीव संस्थान देहरादून भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं. सर्च अभियान जारी है, ड्रोन का भी इस्तमाल किया जा रहा है.

वहीं बाघ के मिसिंग होने और एक वन्यजीव का पुराना कंकाल मिलने से एमटी- 1 बाघ की मौत की आशंका जताई जा रही है, लेकिन मुख्य वन संरक्षक और क्षेत्रीय निदेशक मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व सेडूराम यादव ने कहा है कि वन्यजीव के मिले कंकाल की जांच करवाई जाएगी. अभी कुछ नहीं कर सकते. जिस वन्यजीव का कंकाल मिला है, उसे भालू का होना बताया जा रहा है.



इधर, वन्यजीव प्रेमी मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के पहले एमटी -1 बाघ के अब तक रहस्मय तरीके से गायब होने से मायूस है. इस बाघ को वन विभाग ने बून्दी की रामगढ़ सेंचुरी से लेकर 3 अप्रेल 2018 को शिफ्ट किया था. लेकिन अगस्त 2020 से बाघ लापता है। बाघ अचानक कहा गया, इसबारे में किसी को कुछ पता नहीं है.
2020 की शुरुआत में मिली खुशी, फिर बिखर गया पूरा कुनबा
साल 2020 प्रदेश के तीसरे टाइगर रिजर्व मुकुंदरा के लिए ठीक नहीं रहा. साल की शुरुआत में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ाने की खबर ने हाड़ौती संभाग सहित राजस्थान प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों को खुशी से गदगद कर दिया था. क्योंकि यहां दो बाघिनों ने तीन शावकों को जन्म दिया था. एमटी-2 बाघिन ने 2 शावकों को जन्म दिया. एमटी- 4 बाघिन ने 1 शावक को जन्म दिया. लेकिन जैसे ही बारिश शुरू हुई, तो बाघों के कुनबे का उनकी मौत की खबरों ने बिखेर कर रख दिया.

सबसे पहले एमटी-3 बाघ की मौत हुई, फिर एमटी-2 बाघिन की मौत हुई. फिर एमटी-2 बाघिन की मौत के बाद उसके शावक की मौत हो गई. एक शावक ऐसा लापता हुआ वह अब तक नहीं मिला. एमटी-4 बाघिन का एक जो शावक जन्मा था वह लापता हो गया. वह भी अब तक नहीं मिला. फिर एमटी-1 बाघ गायब हो गया. रिजर्व में मात्र एक एमटी-4 बाघिन बची है. इस तरह सारी बाघों के कुनबे के बढ़ने की खुशियां गम में बाघों की एक के बाद एक मौत और उनके गायब होने से गम में बदल गई.
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