बेटे ने मां को मरने के लिए जंगल में अकेले छोड़ा, 2 दिनों भूखे-प्यासे तड़पती रहीं बुजुर्ग

कोटा में बुजुर्ग महिला को बेटो ने जंगल में छोड़ा.

कोटा में बुजुर्ग महिला को बेटो ने जंगल में छोड़ा.

राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) जिले के मंडाना क्षेत्र के जंगलों से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां मंडाना (Mandana) के कोलाना ग्राम पंचायत क्षेत्र के जंगलों में 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला भूखी प्यासी हालत में तड़पती हुई मिली है.

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कोटा. राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) जिले के मंडाना क्षेत्र के जंगलों से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां मंडाना (Mandana) के कोलाना ग्राम पंचायत क्षेत्र के जंगलों में 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला भूखी प्यासी हालत में तड़पती हुई मिली है. ग्रामीणों ने जब बुजुर्ग महिला को भूख प्यास से तड़पते हुए जंगलों के बीच देखा तो उनके रोंगटे खड़े हो गए. ग्रामीणों ने बुजुर्ग महिला की मदद करते हुए उसे जंगल से बाहर ले गए और पानी पिलाया व भोजन कराया. इसके बाद जब महिला से पूछा गया तो उसने कहा कि उसका बेटा उसे मरने के लिए जंगलों के बीच पटक गया.

महिला चलने फिरने में असमर्थ थीं. ऐसे में वह जंगल से बाहर नहीं आ सकी और करीब 2 दिन तक जंगल के बीच ही भूख प्यास से तड़पते रही. महिला का नाम उषा बाई है जो रानपुर इलाके की निवासी हैं. महिला ने बताया कि उनका बेटा रतन उनको जंगल मे छोड़ कर चला गया.

जंगली जानवरों का था खतरा

अब निर्दयीता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस बुजुर्ग महिला के पास न तो खाने के लिए कुछ था और न ही पीने के लिए पानी. इसकी भनक जैसे ही स्थानीय समाज सेवी चैथमल गुर्जर को लगी तो वो कुछ लोगो को लेकर जंगल पहुंचे और पहले बुजुर्ग महिला को पानी पिलाया जिसके बाद चोथमल गुर्जर स्वंय ही बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर जीप तक ले गए और उसको जीप में बैठाया. इसके पहले बुजुर्ग महिला ने हाथो को जमीन पर टीकाकर पैरो को घसीटकर जंगल को पार करने की कोशिश भी की. चैथमल का कहना है की ये जंगल पूरी तरह से जंगली जानवरों से भरा हुआ है. दूर दूर तक सिर्फ सुनसान इलाके हैं. ऐसे में ये महिला दो दिन से यहीं पर बैठी थी.

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