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  • KOTA SPECIAL CAMPAIGN WILL BE CONDUCTED FOR THE DE ADDICTION OF POLICE PERSONNEL IN KOTA

कोटा में पुलिस के जवानों की नशा मुक्ति के लिए चलेगा विशेष अभियान

कोटा के एसपी ने कहा कि नशामुक्ति के लिए चलेगा अभियान.

कोटा में 40 साल से अधिक उम्र के पुलिसवालों की फिटनेस और नशे के आदी जवानों के लिए इस साल चलेगा विशेष अभियान. कोचिंग-सिटी के पुलिसकर्मियों की एसपी ने की तारीफ.

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कोटा. आम जनता में विश्वास, अपराधियों में डर के स्लोगन पर काम करने वाली राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) अब अपने ही महकमे के नशे के आदी पुलिसवालों की पहचान करेगी. ऐसे पुलिसवालों की नशामुक्ति के लिए विभाग अभियान (De-addiction campaign) चलाएगा. कोचिंग-सिटी कोटा (Coaching City Kota) से इस अभियान का आगाज करने की तैयारी कोटा ग्रामीण पुलिस कर रही है. कोटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी ने नए साल के मौके पर जिले की ग्रामीण पुलिस की बीते साल की उपलब्धियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अगले साल में कोटा ग्रामीण पुलिस में तैनात पुलिसकर्मियों में से ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो नशे के आदी हैं. ऐसे जवानों का डॉक्टरों की विशेष टीम से इलाज करवाकर उनकी काउंसलिंग करवाई जाएगी, ताकि नशे की लत से छुटकारा दिलवाया जा सके.

एसपी शरद चौधरी ने बताया कि कोटा ग्रामीण पुलिस के सभी पुलिसकर्मियों का मेडिकल चेकअप करवाया जाएगा. 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों की फिटनेस को लेकर भी महकमा मेडिकल सुविधा मुहैया करवाकर उनको बीमारी के अनुरूप उपचार की व्यवस्था करवाएगा. वहीं शराब के आदी पुलिसकर्मियों का इलाज पुलिस लाइन में बनाये जाने वाले सेंटर पर होगा. यहां क्लीनिकल एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से सुव्यवस्थित इलाज करवाकर नशे की लत से छुटकारा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे.

कोटा ग्रामीण पुलिस प्रदेश में रही है अव्वल
कोटा ग्रामीण पुलिस प्रदेश में अपनी कार्यशैली को लेकर जानी जाती है. इस साल भी ग्रामीण पुलिस पेंडेंसी कम करने, 100 फीसदी केस डायरियों का ऑनलाइन निपटारा कर प्रदेश में पहला मुकाम हासिल किया है. एसपी शरद चौधरी ने बताया इसके अलावा सभी संगीन मामलों में पुलिस ने ठोस कार्रवाई की है. वहीं महिला अत्याचार के मामलों में कमी आई है. COVID-19 के चलते महामारी अध्यादेश के तहत भी कोटा ग्रामीण पुलिस ने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 16 लाख 37 हजार ₹400 का जुर्माना वसूला है.