कोटा में कोरोना के हाहाकार के बीच राहत की सांस लेकर आया ऑक्सीजन टैंकर, खत्म होगी किल्लत

कोटा में ऑक्सीजन का टैंकर पहुंच गया है, कोरोना मरीजों को मिलेगी राहत.

कोटा में ऑक्सीजन का टैंकर पहुंच गया है, कोरोना मरीजों को मिलेगी राहत.

Kota Oxygen Crisis News: कोटा में कोरोना मरीजों के लिए आज राहत भरी खबर सामने आई. 12 टन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर दोपहर बाद एक टैंकर पहुंचा, इससे तैयार हो सकेंगे एक्स्ट्रा सिलेंडर.

  • Share this:
कोटा. कोरोना के बढ़ते संक्रमण से कोटा में हाहाकार मचा हुआ है. अस्पतालों में बेड के साथ-साथ ऑक्सीजन की किल्लत भी हो रही है. इस बीच अच्छी खबर सामने आई है. कोटा को 12 टन लिक्विड ऑक्सीजन की खेप मिली है. लिक्विड ऑक्सीजन का टैंकर पुलिस सुरक्षा के बीच लगभग 450 किलोमीटर की दूरी 11 घण्टे में तय कर कोटा पहुंचा है. इसके यहां पहुंचने से अब अस्पतालों में ऑक्सीजन की डिमांड पूरी हो सकेगी. इस ऑक्सीजन टैंकर से लगभग 1200 सिलेंडर भरे जाएंगे. प्लांट में टैंकर पहुंचते ही सिलेंडरों में ऑक्सीजन भरने का काम शुरू हो गया.

पिछले कुछ दिनों से कोटा में ऑक्सीजन की मारामारी चल रही थी. कोरोना के मरीज बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन की खपत बढ़ती जा रही थी. उत्पादन के मुकाबले खपत ज्यादा होने से अस्पताल का बैकअप भी लगभग खत्म होने के कगार पर था. ऐसे हालात में लिक्विड ऑक्सीजन टैंकर के आने से जिला प्रशासन को राहत मिली है. लिक्विड ऑक्सीजन से एक्स्ट्रा ऑक्सीजन सिलेंडर तैयार किए जा सकेंगे. जानकारों की मानें तो लिक्विड ऑक्सीजन से एक दिन में 400-500 सिलेंडर एक्स्ट्रा प्रोडक्शन होगा.

कोटा में 4000 सिलेंडर की जरूरत

जिला कलेक्टर उज्ज्वल राठौड़ ने बताया अलवर के भिवाड़ी से लिक्विड ऑक्सीजन टैंकर पुलिस सुरक्षा के बीच दोपहर बाद कोटा पहुंचा. टैंकर आने ऑक्सीजन की कमी पूरी होगी. ऑक्सीजन की उपलब्धता का संकट होने से सरकारी अस्पतालों एवं निजी अस्पतालों में नियमित सप्लाई में कमी हो रही थी. कोटा में हर रोज़ 2500 ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता होती है, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान 4000 सिलेंडर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट्स के उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ लिक्विड ऑक्सीजन टैंकरों के जरिए पहुंचने से अब राहत की उम्मीद है.
मरीजों घरों पर भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर

कोटा में सरकारी कोविड-19 डेडिकेटेड अस्पताल एवं निजी अस्पतालों में भी रोगियो की भरमार है. ऐसे में ऑक्सीजन की उपलब्धता जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग के लिए चुनौती थी. वहीं कई मरीज घरों पर भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, उनके परिजन भी सिलेंडर के लिए जद्दोजहद कर रहे थे. हालांकि जिला प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी ऑक्सीजन सप्लाई के लिए नियुक्त किए गए हैं, जो घरों में सिलेंडर उपलब्ध करवा रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से ऑक्सीजन संकट का खतरा देख बेचैनी बढ़ गई थी. इसलिए आज टैंकर के आने से राहत मिली.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज