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मकर संक्रांति पर बंगाली समाज की अनोखी परंपरा, मिट्टी का मगरमच्छ बनाकर की पूजा

यहां मकर संक्रांति पर की जाती है मिट्टी के मगरमच्छ की पूजा

यहां मकर संक्रांति पर की जाती है मिट्टी के मगरमच्छ की पूजा

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के मौके पर कोटा (Kota) में बंगाली समाज (Bengali society) ने अपनी अनोखी परंपरा का निर्वा ...अधिक पढ़ें

    कोटा. राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) जिले में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के मौके पर बंगाली समाज (Bengali society) ने अपनी अनोखी परंपरा का निर्वाह करते हुए मिट्टी का मगरमच्छ बनाकर उसकी पूजा अर्चना की.

    पूरा मामला

    आपको बता दें कि कोटा नगर निगम क्षेत्र के नयागांव रोझड़ी में रह रहे बंगाली समाज के लोगों ने मकर संक्रांति पर्व के मौके पर 21 फीट लंबा मिट्टी का मगरमच्छ बनाकर उसकी पूजा की. ऐसा ये हर साल मकर संक्रांति के मौके पर करते हैं. दरअसल, देश में कई अलग-अलग तरीके से मकर संक्रांति मनाया जाता है. जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब बंगाली समाज के लोग नदी के किनारे मिट्टी का मगरमच्छ बनाते हैं. इसके बाद उसका विधिवत रूप से श्रृंगार कर उसकी पूजा करते हैं.

    वर्षों से चली आ रही परंपरा

    बंगाली समाज के लोग पंडित से पूरी विधि विधान से पूजा कराकर अपना मकर संक्रांति का पर्व मनाते हैं. जब इससे जुड़ी धारणा के बारे में उनसे पूछा गया तो बंगाली समाज के लोगों ने कहा कि ये परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसका निर्वाह वे आज भी कर रहे हैं. ये परंपरा उनके पूर्वजों के जमाने से चली आ रही है.

    महिला-पुरुष समेत हर उम्र के लोग पूजा में होते हैं शामिल

    इस पूजा अर्चना में बंगाली समाज के पुरुष, महिलाएं, बच्चे आदी सभी उम्र के लोग शामिल होते हैं. वे पूजा कर समाज और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं. पूजा संपन्न होने के बाद समाज के सभी लोग एक साथ पारंपरिक भोजन करते हैं.

    (कोटा से अर्जुन अरविंद की रिपोर्ट)

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    Tags: Kota news, Makar Sankranti, Rajasthan news

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