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राजस्थान में भारी बारिश: कोटा में बाढ़ के हालात, 11 इंच तक गिरा पानी, डैम के 10 गेट खोले, सेना से मांगी मदद

कोटा जिले के खातौली में 280 एमएम, लाडपुरा में 225, दीगोद में 169, कोटा शहर में 157, सांगोद में 143, कनवास में 122 और मंडाना में 107 एमएम बारिश दर्ज की गई है.

कोटा जिले के खातौली में 280 एमएम, लाडपुरा में 225, दीगोद में 169, कोटा शहर में 157, सांगोद में 143, कनवास में 122 और मंडाना में 107 एमएम बारिश दर्ज की गई है.

Flood situation in Kota: कोटा इलाके में पिछले करीब एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ के हालात हो गये हैं. कोटा जिले के खातौली इलाके में 11 इंच से ज्यादा बारिश हुई है.

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कोटा. कोटा संभाग (Kota Division) में पिछले 6 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश (Heavy rain) के कारण क्षेत्र में अब बाढ़ आ गई है. कोचिंग सिटी कोटा के शहर के साथ ग्रामीण इलाके में बाढ़ के हालात (Flood situation) बने हुए हैं. बांधों और नदियों में पानी की जोरदार आवक बनी हुई है. प्रशासन ने बचाव के लिए रेस्क्यू दल तैनात कर रखे हैं. गांव नदी और नालों के उफान से घिरे हैं. कच्चे मकान जमीदोंज हो रहे हैं. बांध लबालब हो रहे हैं. तालाबों में पानी की चादरें चल रही हैं. कोटा बैराज के 10 गेट खोलकर करीब 1 लाख 10 हजार क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़ा गया है. चंबल के किनारे बसे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है.

हालात को देखते हुए कोटा जिला कलेक्टर उज्जवल राठौड़ ने सेना को राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. अगर बारिश का सिलसिला यूं ही चलता रहा तो सेना बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत और बचाव की कमान संभालेगी. कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के प्रमुख शासन सचिव को पत्र लिखकर सैन्य टुकड़ी के लिए जरूरी संसाधनों के भिजवाने का आग्रह किया है. फिलहाल एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, नगर निगम गोताखोर और होमगार्ड राहत बचाव दल में शाामिल हैं.

जिले में बारिश की स्थिति
जिले में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश खातौली में दर्ज की गई है. खातौली में 280 एमएम, लाडपुरा में 225, दीगोद में 169, कोटा शहर में 157, सांगोद में 143, कनवास में 122, मंडाना में 107, चेचट में 82 और रामगंजमंडी में 78 एमएम बारिश दर्ज की गई है.

चंबल, पार्वती और कालीसिंध में उफान
भारी बारिश होने से चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. चंबल सिंचाई परियोजना के जवाहरसागर बांध और कोटा बैराज डेम के कैचमेंट एरिया से भारी बारिश होने से दोनों बांधों में पानी की तेज आवक हुई है. पानी की निकासी का दौर बुधवार रात तक जारी रहा. कोटा में आलनिया, सावनभादो, रानपुर और लखावा जैस बड़े तालाबों में पानी की तेज आवक रही. चंबल के साथ पार्वती, कालीसिंध, चंद्रशेल और अमझार नदियां भारी उफान पर हैं. बरसाती नाले भी उफान पर हैं.

ये इलाके हैं बाढ़ की चपेट में
ग्रामीण इलाकों में कैथून, इटावा, खातोली, सुल्तानपुर, दीगोद, कनवास, रामगंजमंडी आदि कस्बों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. इटावा में रजोपा गांव में बुधवार को 3 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. वहीं कोटा में भी नगर निगम के बचाव दल ने 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. कोटा के देवलीअरब, डीसीएम, प्रेमनगर, अनंतपुरा, वक्फनगर, श्यामनगर , छावनी, गोरधनपुरा, मानपुरा, नयानोहरा, चंद्रेशल आदि इलाकों में बाढ़ के हालात हैं.

ये मार्ग हैं अवरूद्ध
नदियों और बरसाती नालों में उफान आने से कोटा-श्योपुर स्टेट हाईवे जाम है. कोटा-श्योपुर मार्ग पिछले एक सप्ताह से बंद है. ऐसे में राजस्थान का मध्यप्रदेश से खातौली सीमा के यहां से संपर्क कटा हुआ है. कैथून में बाढ़ आने से कोटा-सांगोद स्टेट हाईवे बाधित रहा. छोटे गांवों की सडकें भी बाधित हैं. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही घर से निकले. नदियों और नालों के बहाव क्षेत्र के पास नहीं जायें

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