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Rajasthan: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, 1600 किलोमीटर दूर कोटा में मची है हलचल, जानिये क्या है वजह

हालांकि कोटा में रहने वाले अप्रवासी बंगाली ये तो नहीं बताते कि वे किसके पक्ष में और क्यों मतदान करेंगे. लेकिन पश्चिम बंगाल में चल रही चुनावी हलचल में वे पूरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. (PTI)

हालांकि कोटा में रहने वाले अप्रवासी बंगाली ये तो नहीं बताते कि वे किसके पक्ष में और क्यों मतदान करेंगे. लेकिन पश्चिम बंगाल में चल रही चुनावी हलचल में वे पूरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. (PTI)

Assembly elections in West Bengal: कोचिंग सिटी कोटा (Kota) में बड़ी संख्या में अप्रवासी बंगाली रहते हैं. ये यहां सोने-चांदी के आभूषण बनाने का काम करते हैं. ये बंगाली अब मतदान के लिये बंगाल जाने की तैयारियों में जुटे हैं.

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कोटा. पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly elections in West Bengal) की तपिश राजस्थान में भी महसूस की जा रही है. पश्चिम बंगाल के चुनाव की हलचल उससे 1600 किलामीटर दूर राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा (Kota) में देखी जा सकती है. कोटा में रह रहे अप्रवासी बंगाली (Immigrant bengali) बंगाल चुनाव में अपनी भागीदारी निभाने के लिये बेताब हो रहे हैं. यहां बड़ी संख्या में रहने वाले बंगाली मतदान के लिये बंगाल जाने की तैयारियों में जुट गए हैं.

शहर के परकोटा क्षेत्र की तंग गलियों में सोने चांदी के आभूषण बनाने वाले सैकड़ों कारीगर बंगाल जाने की तैयारियों में जुटे हुये हैं. बंगाली समाज कोटा के अध्यक्ष बबलू बंगाली ने बताया कि बंगालियों में चुनाव को लेकर काफी उत्साह है. फिलहाल कोरोना के चलते कारीगरों के पास 4 बरसों के मुकाबले ज्यादा काम भी नहीं है. वहीं बंगाल में इस बार हो रहे दिलचस्प चुनाव सभी कारीगरों को अपनी और खींच रहे हैं. जिन कारीगरों के वोटर आईडी कार्ड पश्चिमी बंगाल के हैं वे मतदान के लिए वहां जाने की तैयारी कर रहे हैं.

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बंगाल में चल रही चुनावी हलचल में वह पूरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं
कोटा में हावड़ा, हुबली, मेदनीपुर और 24 परगना सहित अन्य जिलों के अप्रवासी बंगाली समाज के कारीगर आभूषणों की कारीगरी के लिए यहां रहते हैं. सब्जी मंडी स्थित नरोत्तम कटले के मालिक नरोत्तम बताते हैं कि कारीगर इन दिनों अपने रिश्तेदारों से बंगाल में चुनावी हलचल के बारे में बातचीत करते रहते हैं और मतदान से पूर्व पश्चिम बंगाल जाने की तैयारियों में जुटे हैं. हालांकि वे यह नहीं बताते क्यों किसके पक्ष में मतदान करेंगे. लेकिन पश्चिम बंगाल में चल रही चुनावी हलचल में वह पूरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

दावा इस बार बंगाल में बदलाव की बयार है
इसी क्षेत्र में लंबे वक्त से कारीगरी का काम कर रहे हैं असीत कुमार बीजेपी से जुड़े हैं. वे भी जल्दी कोलकाता जाने की तैयारी कर रहे हैं. असित दावा कर रहे हैं कि इस बार बंगाल में बदलाव की बयार है. यह बदलाव मतदाता बीजेपी के पक्ष में मतदान करके नतीजों में दिखला देंगे. उनका कहना है आप्रवासी बंगाल के कारीगर जैसे तैसे साधन का जुगाड़ करने में जुटे हैं ताकि मतदान से पूर्व पश्चिमी बंगाल पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें. कोटा में आभूषणों को बनाने वाले करीब 1000 से अधिक अप्रवासी बंगाली कारीगर हैं.
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