ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट को कहा अलविदा, BCCI को खूब सुनाया

भवानी सिंह | News18India
Updated: August 12, 2017, 7:03 PM IST
ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट को कहा अलविदा, BCCI को खूब सुनाया
ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है.
भवानी सिंह | News18India
Updated: August 12, 2017, 7:03 PM IST
ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. मोदी ने सोशल मीडिया पर बीसीसीआई के नाम एक पत्र जारी कर इसका ऐलान किया. इसमें लिखा कि वे अब हिंदुस्तान में क्रिकेट से जुड़े किसी पद पर नहीं रहेंगे.

उन्‍होंने बीसीसीआई से अब राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन(आरसीए) से प्रतिबंध हटाने की अपील भी की. ललित मोदी पर प्रतिबंध इसी शर्त के साथ था कि जब तक मोदी आरसीए से जुड़े रहेंगे तब तक आरसीए को न मदद मिलेगी, न मैच होगा और न मान्यता दी जाएगी.

मोदी के नजदीकी और आरसीए के सचिव राजेंद्र सिंह नांदु ने कहा कि मोदी ने नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही आरसीए और बीसीसीआई से उनका नाता खत्म हो गया. उनका पत्र जल्दी ही बीसीसीआई को भेजा जाएगा.

मोदी ने बीसीसीआई को लिखे पत्र में बीसीसीआई को जमकर आड़े हाथों लिया. साथ ही दावा किया कि उन्होंने ही हिंदुस्तान के क्रिकेट को ब्रांड और आर्थिक तौर पर ताकतवर बनाया था. इसी वजह से कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी ने आईपीएल को खड़ा करने पर चैप्टर तैयार किया. लेकिन बीसीसीआई ने उनके साथ दोहरे मापदंड अपनाए.



मोदी ने लिखा, 'एन श्रीनिवासन को सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेट से दूर रहने की हिदायत दी, बावजूद श्रीनिवासन का दखल है. जबकि मुझे किसी एजेंसी ने दोषी नहीं पाया. लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को सबसे पहले मैने राजस्थान क्रिकेट मे लागू कर उच्च मानदंड पेश किए. लेकिन मुझ पर बैन.'

ललित मोदी ने बीसीसीआई के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए लिखा कि 2010 में जब उन्होंने आईपीएल छोड़ा तब 11 बिलियन डॉलर उसकी वैल्यू थी. लेकिन नए उपायों के अभाव में आईपीएल की वैल्यू चार बिलियन डॉलर रह गई. उन्‍होंने लिखा, '2005 में जब बीसीसीआई का काम संभाला तब बीसीसीआई का राजस्व महज 260 करोड़ था. लेकिन 2010 जब उन्होंने छोड़ा तब रिजर्व 47600 करोड़ था.

हालांकि अब सवाल ये कि मोदी का अगर हिंदुस्तान की क्रिकेट और क्रिकेट की सियासत से मोह भंग हो गया या मजबूरी में मोह छोड़ना पड़ा तो क्या अब वे भारत लौटने की सोचेंगे. मोदी जब क्रिकेट की सियासत से दूर हो गए तो फिर उनके विरोधी और बीसीसीआई क्या अब जांच एजेंसियों या भारत सरकार मोदी के प्रत्यार्पण या किसी तरह भारत लाने का दबाब बनाएगी. हालांकि मोदी के समर्थन आरएस नांदू दावा कर रहे हैं कि सुरक्षा दी जाए तो मोदी हिंदुस्तान आ सकते हैं.

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First published: August 12, 2017
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