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नागौर में पहली बार कांग्रेस काे स्पष्ट बहुमत के बाद निर्विरोध सभापति बनीं समरीन

News18 Rajasthan
Updated: November 23, 2019, 5:49 PM IST
नागौर में पहली बार कांग्रेस काे स्पष्ट बहुमत के बाद निर्विरोध सभापति बनीं समरीन
समरीन को निर्विरोध सभापति निर्वाचित किया गया है.

राजस्थान निकाय चुनाव 2019 (Rajasthan Local Body Elections 2019): नागौर (Nagaur) की मकराना नगर परिषद् (Nagar parishad Makrana) में पहली बार स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाले कांग्रेस पार्टी (Rajasthan Congress) की समरीन को निर्विरोध सभापति निर्वाचित किया गया है.

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नागौर. राजस्थान निकाय चुनाव 2019 (Rajasthan Local Body Elections 2019) में  नागौर (Nagaur) के मकराना नगर परिषद् (Nagar parishad Makrana) में पहली बार स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाले कांग्रेस पार्टी (Rajasthan Congress) की समरीन को निर्विरोध सभापति निर्वाचित किया गया है. यहां 16 नंवबर को मतदान के बाद 19 नवंबर को नतीजों की घोषणा हुई थी. पहली बार मकराना में स्पष्ट बहुमत के बाद भी यहां सभापति की कुर्सी को लेकर कांग्रेस में बगावत हो गई. कांग्रेस ने मकराना में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की पुत्री समरीन को बनाया प्रत्याशी बनाया तो कांग्रेस के सिंबल से चुनाव लड़ने वाले पार्षदों ने भी निर्दलीय ताल ठोक दी. हालांकि 23 नवंबर यानी शनिवार को सभापति के लिए नामांकन वापस लेने अंतिम दिन विरोध समाप्त हुआ और समरीन को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया.

बागियों के तिखे तेवर, सिरदर्द बनी बगावत
समरीन, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जाकिर गैसावत की बेटी हैं और उन्हें सभापति पद का प्रत्याशी बनाया था. हालांकि निवर्तमान सभापति की पुत्रवधु ने भी यहां से निर्दलीय ताल ठोक दी थी. मकराना नगर परिषद के सभापति एवं उपसभापति सहित एवं महिला पार्षद के तेवर बागी हो गए थे. यह बागी तेवर कांग्रेस के लिए पिछले चार दिन से सिरदर्द बने हुए थे.

कांग्रेस की प्रत्याशी को हराने वाली रूखशाना बानो भी

इससे पहले सभापति पद के चुनाव को लेकर नाम निर्देशन पत्रों के जमा करवाए जाने के अंतिम दिन गुरुवार को सभापति शौकत अली गौड के बडे़ भाई समाजसेवी एवं भामाशाह मुख्त्यार अहमद गौड की पुत्र वधु रूखशाना बानो ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर निर्वाचन अधिकारी मकराना सैय्यद शीराज अली तैदी के समक्ष प्रस्तुत किया. उल्लेखनीय है कि रूखशाना ने निर्दलीय रूप से पार्षद का चुनाव लड़ा था और कांग्रेस की प्रत्याशी को पराजित किया था.

निर्दलीयों ने भी ठोकी ताल
इसी प्रकार उपसभापति हाजी अब्दुल समद सिसोदिया की पत्नी परवीन बेगम, जिन्होंने कांग्रेस के सिंबल पर पार्षद का चुनाव जीता था. लेकिन वो भी बागी तेवर दिखाते हुए सभापति पद के चुनाव को लेकर निर्दलीय रूप से भी नामाकंन पत्र निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया. इसी प्रकार वार्ड सख्या 24 से कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लडकर पार्षद बनने वाली सईदा बेगम ने भी विरोध सुर दिखाते हुए सभापति पद के लिए निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत कर दिया. वहीं नगर परिषद के वार्ड संख्या 32 से चुनाव जीतकर पार्षद बनने वाली समरीन ने कांग्रेस के सिंबल पर नाम निर्देशन पत्र निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया था.
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उल्लेखनीय है कि समरीन पूर्व विधायक कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत की पुत्री के साथ ही मकराना नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम भाटी के भाई मुजीबुर्रहमान के पुत्र की बीबी भी हैं. समरीन के सभापति पद के लिए नमाकंन प्रस्तुत किये जाने के साथ ही राजनीति के दिग्गजों के कयास धरे के धरे ही रह गए थे.

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First published: November 23, 2019, 5:30 PM IST
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