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खींवसर में कांग्रेस ने की भाजपा-आरएलपी को बड़ा झटका देने की कोशिश, हनुमान बेनीवाल की भतीजी ने भी पहनी कांग्रेस की माला

Mahendra Bishnoi | News18 Rajasthan
Updated: October 10, 2019, 9:27 PM IST
खींवसर में कांग्रेस ने की भाजपा-आरएलपी को बड़ा झटका देने की कोशिश, हनुमान बेनीवाल की भतीजी ने भी पहनी कांग्रेस की माला
कांग्रेस में शामिल होने के बाद पलटी मार गए शंकरलाल चांडक

खींवसर के उप चुनाव में कांग्रेस ने गुरुवार को भाजपा-आरएलपी को बड़ा झटका देने की कोशिश की. संखवास के भाजपा मंडल अध्यक्ष कालूराम ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की तो हनुमान बेनीवाल की भतीजी अनिता बेनीवाल ने भी कांग्रेस की माला पहनी ली.

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नागौर. खींवसर के उपचुनाव के राजनीतिक घटनाक्रम तेज होने के साथ ही गुरुवार को कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) व आरएलपी (RLP) के गठबंधन को तगड़ा झटका देने की कोशिश की. कांग्रेस इस गठबंधन को बड़ा झटका देने में कामयाब नहीं हो पाई, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के संखवास मंडल अध्यक्ष कांग्रेस में शामिल हो गए. सांसद हनुमान बेनीवाल की भतीजी अनिता बेनीवाल भी इस बैठक में मौजूद रहीं और ज्योति मिर्धा ने अनिता को माला पहनाई. अनिता के कांग्रेस में शामिल होने की स्थिति साफ नहीं हो पाई और न ही कोई बयान आया.

पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को कराया कांग्रेस में शामिल

पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा व कांग्रेस नेता सवाई सिंह चौधरी सहित कांग्रेस नेता खींवसर में जमा हुए और इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल कराया गया. इस दौरान संखवास के भाजपा मंडल अध्यक्ष कालूराम और उनके कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.

संखवास के भाजपा मंडल अध्यक्ष कालूराम ने कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की


भाजपा नेता शंकरलाल चांडक भी कांग्रेस में हुए शामिल फिर मार ली पलटी 

भाजपा नेता शंकरलाल चांडक भी कांग्रेस में शामिल हुए, बैठक में पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा ने चांडक को साफा पहनाया और विजय पूनिया ने चांडक को माला पहनाई. इसी बीच सोशल मीडिया पर शंकरलाल चांडक के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की खबरें वायरल हो गईं. कुछ ही देर बाद जब बैठक समाप्त हुई तो भाजपा ने डैमेज कंट्रोल कर लिया और शंकरलाल चांडक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने भाजपा नहीं छोड़ी है और वे आजीवन भाजपा के साथ रहेंगे.

कांग्रेस को नहीं मिल पाई पूरी तरह से कामयाबी
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चांडक के सोशल मीडिया पर यह बयान जारी करने के साथ ही यह भी साफ हो गया कि कांग्रेस भाजपा को बड़ा झटका देने में कामयाब नहीं हो पाई. खींवसर व आसपास के इलाकों में क्योंसर के इस भाजपा नेता की पकड़ है और इसी के चलते कांग्रेस चांडक को अपने साथ शामिल करने का प्रयास कर रही थी. बैठक से बाहर आते ही चांडक ने पलटी मारी और सोशल मीडिया पर बयान जारी करने के साथ ही साफ हो गया कि कांग्रेस जो करना चाहती थी उसमें पूरी तरह कामयाब नहीं हुई.

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First published: October 10, 2019, 9:27 PM IST
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