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Nagaur News : मोटे अनाज की खेती से मिलेगा किसानों को फायदा, इस योजना के बाद बढ़ी मोटे अनाज की मांग

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नागौर

नागौर मंडी में मुंग की बढ़ी मांग

इस वर्ष बाजार में मोटे अनाज के भाव बढ़ चुके है. वर्तमान समय में ज्वार के भाव 5000 रुपये प्रति क्विंटल है. वही इस वर्ष ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट:कृष्ण कुमार
नागौर.
मोटे अनाज की खेती करने वालें किसानों की फसल के भाव इस वर्ष बढ़ने वाले है. क्योंकि मोटे अनाज को कोरोनाकाल के बाद एक अलग पहचान मिली है. मोटे अनाज जैसे बाजरा, मूंग, ज्वार और जौ की फसलों में कैल्सियम व भरपुर पोषक तत्वों के होने के कारणबाजार में मोटे अनाज की ज्यादा मांग हो रही है. ज्यादा मांग होने के कारण फसलों के भाव भी बढ़ेंगे. बजट 2023 में प्रधानमंत्री द्वारा मोटे अनाज को एक अलग पहचान दिलाने की कोशिश की है. किसानों द्वारा मोटे अनाज की अधिक पैदावार करने के लिए अन्नश्री योजना का आरंभ किया है. इसी के तहत यूएनओ (UNO) द्वारा भी वर्ष 2023 को इंटरनेशनल मिलेटस ईयर घोषित किया गया है.

ऐसे होगा किसानों को फायदा
मंडी सचिव रघुनाथ सिंवर का कहना है कि कोरोनाकाल में जहां ग्रामीण क्षेत्र हैं वहां पर कोरोना का प्रभाव कम देखने को मिला. इसका मुख्य कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र में आज भी मोटे अनाजका भोजन किया जाता है. मोटे अनाज में भरपुर पोषक तत्व होते है. जिसके चलते ग्रामीण लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है. मोटे अनाज को एक अलग पहचान दिलाने के लिए अन्नश्री योजना का आरंभ किया. मोटे अनाज की खेती करने से किसानों को फसल के भाव अच्छे मिलेंगे. मंडी सचिव का कहना है कि इस वर्ष बाजार में मोटे अनाज के भाव बढ़ चुके है. वर्तमान समय में ज्वार के भाव 5000 रुपये प्रति क्विंटल है. वही इस वर्ष मूंग के भाव 8000 के आसपास रहे है. इस वर्ष बाजारा के भाव 3000 रुपये से अधिक जाने की संभावना है.

राजस्थान के किसानों का विशेष फायदा
रघुनाथ सिंवर ने बताया किपूरे भारतवर्ष में मोटे अनाज की खेती राजस्थान में ज्यादा होती है. देश का 60% बाजरा का उत्पादन केवल राजस्थान में होता है. अन्य मोटे अनाज जैसे जौ, ज्वार ,मूंग का उत्पादन भी सर्वाधिक राजस्थान में होता है. जिसके चलते इन फसलों के भावों में भी इफाजा होगा. इस वर्ष में 1000-2000 तक फसलों के भावों में वृद्धि होगी.किसान को मोटे अनाज की खेती करने में प्रोत्साहन मिलेगा वहीं किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक होगी. राजस्थान में बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन बाड़मेर में होता है वही मूंग का उत्पादन नागौर में होता है.

Tags: Nagaur News, Rajasthan news

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