मोरों की हत्या पर FIR दर्ज, एक साल में 150 का हुआ शिकार

फोटो-(ईटीवी)

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राजस्थान में राष्ट्रीय पक्षी मोर शिकारियों के निशाने पर हैं. लगातार मोरों के हत्याओं की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इस तरह के मामलों की रोकथाम में न तो वन विभाग कुछ कर पा रहा है और न मामलों पर पुलिस प्रशासन का सख्त रवैया है.

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राजस्थान में राष्ट्रीय पक्षी मोर शिकारियों के निशाने पर हैं. लगातार मोरों के हत्याओं की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इस तरह के मामलों की रोकथाम में न तो वन विभाग कुछ कर पा रहा है और न मामलों पर पुलिस प्रशासन का सख्त रवैया है.



मामले को लेकर पीपुल फॉर एनीमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने नागौर जिले की मकराना तहसील के नुन्दड़ा ग्राम में 73 मोरों की हत्या के मामले में शिकारियों द्वारा जहरीला दाना डालकर हत्या करने की अलग-अलग घटनाओं की एफआईआर नागौर पुलिस अधीक्षक को दर्ज कराई है.



जाजू ने बताया कि वन व पुलिस विभाग की घोर लापरवाही के चलते पिछले एक वर्ष में लगभग 150 मोरों की हत्या के बावजूद एक भी शिकारी को सजा नहीं दिला पाए हैं.





जाजू ने आरोप लगाते हुए बताया कि राष्ट्रीय पक्षी मोरों की संख्या नागौर जिले में 75 फसदी कम होकर मात्र 25 प्रतिशत रह गई है. नागौर में पिछले एक वर्ष में कुचेरा, लाडनूं, बाजियों की ढाणी, मकराना, मातडोली, मातासुख सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मोरों के शिकार की घटनाएं घटित हुई हैं.
मोरों की हत्या के मामले में बाबूलाल जाजू की ओर से एक याचिका राजस्थान उच्च न्यायालय में लगाई हुई है जिस पर अदालत ने सरकार से जवाब तलब कर रखा है.
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