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Nagaur Rape Case: राजस्थान में दरिंदों ने दलित महिला से गैंगरेप कर प्राइवेट पार्ट में डाल दी बोतल

नए थाना प्रभारी ने भी परिवार की शिकायत के बाद मामला नहीं दर्ज किया था. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
नए थाना प्रभारी ने भी परिवार की शिकायत के बाद मामला नहीं दर्ज किया था. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Nagaur News: राजस्थान के नागौर में दलित महिला के साथ दरिंदगी की घटना ने दिल दहला दिया है. पीड़िता के परिजनों के जानकारी देने के बाद भी थाना प्रभारी ने यह कहते हुए केस दर्ज नहीं किया कि उसका तबादला हो चुका है. आला अफसरों के दखल देने के बाद केस दर्ज हो सका.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 7:52 PM IST
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नागौर. राजस्थान (Rajasthan) के नागौर जिले में एक दलित महिला के साथ गैंगरेप की बेहद दरिंदगी भरी और शर्मनाक घटना सामने आई है. पास के खेत में बने मकान में मट्ठा लेने पहुंची एक दलित महिला को पकड़ कर तीन आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप (Nagaur gangrape Case) किया. इतने पर भी हवस में डूबे इन दरिंदों का दिल नहीं भरा, तो महिला के गुप्तांग में बोतल डाल दी, वह दर्द से कराहती रही, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी. 19 जनवरी को हुई इस वारदात की रिपोर्ट दर्ज करने में थाना प्रभारी टालमटोल करते रहे, बाद में बड़े अफसरों के दखल के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई. आरोपी फरार हैं और दहशत में हैं.

पुलिस के मुताबिक यह घटना जिले के परबतसर इलाके में 19 जनवरी को तब हुई, जब दलित महिला ने पड़ोस के खेत में बने एक मकान में मट्टा याने छाछ लेने गई थे. उसी समय पास के खेतों में काम कर रहे तीन युवक उसके पास आए और जबर्दस्ती करने लगे. उसने तीनों युवकों के चंगुल से भाग निकलने की भरसक कोशिश की, लेकिन तब तक उन युवकों ने उसे दबोच लिया और बारी-बारी से रेप किया. इसके बाद तीनों उसके प्राइवेट पार्ट में बोतल डाल दी. महिला का कहना है कि आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद उसे धमकी देते हुए कहा कि यदि किसी से कहा तो जान से मार देंगे. धमकी से परिजन दहशत में हैं.





सामने आई पुलिस की बड़ी लापरवाही
इस मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि जब दहशत के बीच जी रहे परिवार के एक सदस्य ने हिम्मत करके तत्कालीन थाना प्रभारी को इस घटना की जानकारी दी तो थाना प्रभारी ने केस दर्ज ही नहीं किया, क्योंकि उनका इस थाने से तबादला हो गया था. नए थाना प्रभारी ने भी परिवार की शिकायत के बाद मामला नहीं दर्ज किया था. अंत में बड़े अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद केस दर्ज किया गया.
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