गैंगस्टर आनंदपाल की मां का निधन, अंतिम संस्कार के लिए बेटों का इंतजार, जेल में हैं दोनों बेटे

गैंगस्टर आनंदपाल की मां निर्मल कंवर का 16 जुलाई को निधन हो गया, लेकिन अभी तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है. वजह है मुठभेड़ में मारे गए आंनदपाल के दोनों छोटे भाई रूपेन्द्रपाल और मंजीत विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद हैं.

Mahendra Bishnoi | News18 Rajasthan
Updated: July 18, 2019, 2:55 PM IST
गैंगस्टर आनंदपाल की मां का निधन, अंतिम संस्कार के लिए बेटों का इंतजार, जेल में हैं दोनों बेटे
गैंगस्टर आंनदपाल। फाइल फोटो
Mahendra Bishnoi | News18 Rajasthan
Updated: July 18, 2019, 2:55 PM IST
गैंगस्टर आनंदपाल की मां निर्मल कंवर का 16 जुलाई को निधन हो गया, लेकिन अभी तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है. वजह है मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर आंनदपाल के दोनों छोटे भाई रूपेन्द्रपाल और मंजीत विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद हैं. कानूनी कारणों से अभी रूपेन्द्रपाल को ही अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिली है. मंजीत को नहीं मिली है. लिहाजा बेटों के इंतजार में निर्मल कंवर का शव लाडनूं स्थित उसके निवास पर डी-फ्रीज में रखा हुआ है. रूपेन्द्रपाल को पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल कराया जाएगा.

आशा कंवर ने पेश किया प्रार्थना पत्र
नागौर जिला कलक्टर दिनेश कुमार यादव ने बताया कि मंजीत सिंह की पत्नी आशा कंवर ने बुधवार को प्रार्थना पत्र पेश कर किया था कि निर्मल कंवर के शव का हिन्दू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने के लिए अजमेर कारागृह में बंद उनके बेटे मंजीत सिंह और उदयपुर कारागृह में बंद रूपेन्द्रपाल सिंह को पैरोल पर छोड़ा जाए. प्रार्थना पत्र की प्रति जिला पुलिस अधीक्षक नागौर, केन्द्रीय कारागृह अजमेर व उदयपुर को भेजकर टिप्पणी व रिपोर्ट मंगवाई गई.

क्षेत्राधिकार नहीं होने के चलते कलक्टर ने नही दिया पैरोल

आपराधिक रिकॉर्ड मिलने के बाद जिला कलक्टर की अध्यक्षता वाली समिति ने यह पाया कि रूपेन्द्र उर्फ विक्की और मंजीत सिंह विभिन्न न्यायालयों के विचाराधीन प्रकरणों में न्यायिक अभिरक्षा में हैं. दंडित बंदियों को राजस्थान कारागार नियम 1958 के नियम 10-ए के अंतर्गत विचाराधीन बंदी को आपात पैरोल देने का प्रावधान नहीं है. जिला कलक्टर ने बताया कि विचाराधीन बंदियों को पैरोल स्वीकृत करना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है, इसलिए प्रार्थिया को सक्षम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा है.

रूपेन्द्रपाल को अंतिम संस्कार में शामिल होने की मिली अनुमति
इसके बाद परिजनों ने न्यायालय में अर्जी पेश की. इस पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश भादरा (हनुमानगढ़) ने भादरा उप कारागृह के प्रभारी अधिकारी को परिजनों की अर्जी पर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा के साथ मां निर्मल कंवर के अंतिम संस्कार में रूपेन्द्रपाल सिंह को शामिल करने के आदेश दिए हैं. न्यायालय के आदेशानुसार रूपेन्द्रपाल को अंतिम संस्कार के तुरंत बाद जेल भेजा जाएगा.
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मंजीत को अभी नहीं मिल पाई है अनुमति
रूपेंद्रपाल को अनुमति मिलने के बाद अब परिजन मंजीत सिंह की पैरोल के प्रयास कर रहे हैं. मंजीत की पैरोल के लिए गुरुवार को हाईकोर्ट में अर्जी लगाई जाएगी. इधर, पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए व्रज वाहन व स्पेशल टास्क फोर्स की टुकड़ी लाडनूं थाने बुलवा ली है.

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First published: July 18, 2019, 2:36 PM IST
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