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गोगलाव का मटकी बाजार, इनके हैंडीक्राफ्ट के विदेशी भी दीवाने, जानें कीमत

नागौर शहर यू तो विश्वभर में कई कारणों को लेकर प्रसिद्ध हैं.यू तो नागौर का बू गांव मिट्टी के बर्तनों के लिए प्रसिद्ध हैं ...अधिक पढ़ें

    कृष्ण कुमार/नागौर. नागौर के गोगलाव को कंजर्वेशन क्षेत्र होने के कारण देश भर में जाना जाता हैं. लेकिन इस गांव की एक खासियत हैं.कि यहां के मिट्टी के बर्तन राजस्थान सहित देश के अनेक राज्य व विदेशों में इंग्लैंड रूस इटली सहित कई क्षेत्रों में प्रसिद्ध हैं. क्योंकि इनके मिट्टी के बर्तनों पर बेहद कलाकारी होती हैं. इसे मटकी मार्केट के नाम से जाना जाता हैं.

    मिट्टी के समान विक्रेता रामस्वरूप प्रजापत ने बताया कि मटकी मार्केट की 2013 से प्रारंभ हो गई. यहां पर मिट्टी के बर्तन मार्बल के खिलौनों में मूर्तियां कांच के बने घर के लिए सजावटी सामान वह पक्षियों के लिए घोंसला इत्यादि उपलब्ध रहते हैं. मुख्य तो यह चर्चा का विषय 2016 में बना क्योंकि यहां पर विदेशी सैलानियों ने आकर घर के सजावटी सामान में मिट्टी के बर्तन लेने प्रारंभ की तब से मटकी मार्केट के नाम से प्रसिद्ध हैं.

    क्यों जाना जाता हैं मटकी मार्केंट के नाम सें
    रामस्वरूप प्रजापत वे बताया कि जब यहां पर मिट्टी के बर्तन में सबसे पहलें मटकी की दुकानें प्रारभ्भ हुई. क्योंकि यह मटकियां साधारण मटकी की तरह नही बल्कि रंग – बिरंगी, मटकियों पर चित्रकारी व अलग-अलग प्रकार की डिजाइन मटकिया मार्केट में आना पहली बार शुरू हुई. इसलिए इसे मटकी मार्केट के नाम से जाना जाता हैं.

    राजस्थान की मिट्टी, बाहर होती हैं तैयार,फिर आती हैं राजस्थान में
    ओम हैंडीक्राफ्ट डेकोर के मालिक रामस्वरूप प्रजापत ने बताया कि बीकानेर की कोलायत की मिट्टी जुंजाला गांव की मिट्टी यहां से बाहर गुजरात हरियाणा में पश्चिम बंगाल मैं जाकर मिट्टी के बर्तन तैयार होते हैं .राजस्थान में बनकर आते हैं. मिट्टी के बर्तनों में चीनी मिट्टी व साधारण मिट्टी बनाने में प्रयोग की जाती हैं.

    यहां पर मिलते हैं मिट्टी के आईटम
    गणेश प्रजापत ने बताया कि मिट्टी के बर्तनों 50 से अधिक प्रकार के वैरायटी के बर्तन उपलब्ध हैं. यहां पर छोटे-छोटे पक्षी भगवान की बनी हुई मूर्तियां पक्षियों के बने हुए रेडिमेड घोंसले घर सजावट के लिए माला में सुसज्जित मिट्टी के छोटे-छोटे प्रकार के आइटम वह मुख्य मिट्टी के कुकर ,परात, डिजाईनदार मटकिया व अन्य की प्रकार के सामान उपलब्ध हैं.इसी के साथ कांच के बर्तन, मार्बल के समान तथा कई प्रकार के गमलें व अनेको प्रकार के आइटम मिलते हैं.

    10 रूपये से लेकर 2000 रुपये तक
    सामानरामस्वरूप प्रजापत ने बताया कि ₹10 से लेकर 2000 रुपये तक मिट्टी के बर्तन व अन्य कई आइटम मिलते हैं.यह मार्केट नागौर से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं.जो बीकानेर नेशनल हाईवें 89 पर स्थित हैं. व्यापारी का कहना हैं कि महीने भर में 1 लाख रूपये तक व्यापार हो जाता हैं.

    Tags: Nagaur News, Rajasthan news

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