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खींवसर उपचुनाव : मिर्धाओं की दांव पर लगी राजनीतिक विरासत, हनुमान बेनीवाल को बचाना है गढ़

Mahendra Bishnoi | News18 Rajasthan
Updated: October 18, 2019, 11:38 AM IST
खींवसर उपचुनाव : मिर्धाओं की दांव पर लगी राजनीतिक विरासत, हनुमान बेनीवाल को बचाना है गढ़
सांसद हनुमान बेनीवाल अपने युवा समर्थकों के साथ लगे हैं प्रचार अभियान में

खींवसर उपचुनाव में मिर्धाओं की राजनीतिक विरासत दांव पर लगी है और पूरा मिर्धा परिवार एकजुट है दूसरी तरफ आरएलपी के नेता हनुमान बेनीवाल को अपना गढ़ बचाना है, इसलिए दोनों तरफ से दिन-रात प्रचार हो रहा है और मुकाबला रोमांचक हो गया है.

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नागौर. खींवसर के उपचुनाव में जैसे-जैसे चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है, वैसे-वैसे अब मुकाबला भी कड़ा हो गया है. एक तरफ कांग्रेस के प्रत्याशी (Congress candidate) हरेंद्र मिर्धा के समर्थन में पूरा मिर्धा परिवार एकजुट होकर चुनाव के मैदान में उतरा है तो दूसरी तरफ आरएलपी (RLP) के युवा कार्यकर्ता अपने संयोजक हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) के नेतृत्व में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. दोनों तरफ से ही रोजाना एक-एक दर्जन गांव में जाकर चुनाव प्रचार( Election Campaign) किया जा रहा है. दोनों तरफ से इस चुनाव प्रचार के दौरान अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं. हरेंद्र मिर्धा विकास के मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं और मिर्धा गांवों में सभाएं कर यह कह रहे हैं कि पिछले 15 सालों में विकास नहीं हुआ. जब वे मंत्री थे उस दौरान जो खींवसर के गांव में विकास हुआ, वही स्थिति आज भी उन्हें देखने को मिल रही है. उनका दावा है कि पिछले 15 सालों में कोई नया काम नहीं हुआ.

आरएलपी प्रत्याशी नारायण बेनीवाल की ओर से हनुमान बेनीवाल ने संभाल रखा है मोर्चा  

इसके उलट आरएलपी के प्रत्याशी नारायण बेनीवाल के समर्थन में हनुमान बेनीवाल ने मोर्चा संभाल रखा है. हनुमान बेनीवाल चुनाव प्रचार के दौरान मिर्धा परिवार पर तंज कसते हुए नजर आते हैं. जहां-जहां हनुमान बेनीवाल नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हैं, वहां हनुमान बेनीवाल मिर्धा परिवार पर तंज कसते इस बात का जिक्र जरूर करते हैं कि मिर्धा परिवार ने आजादी के बाद से ही नागौर जिले में राज किया और इस दौरान मिर्धा परिवार ने कौन से विकास कार्य करवाए, जिनके बूते पर आज वे वोट मांगने आए हैं.

सरकार ने झोंक दी है पूरी ताकत 

दोनों ही तरफ से अपने अपने दावे और अपने अपने आरोप है. इन सब के बीच सरकार भी ताकत लगा रही है और कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक मंत्री पिछले कई दिनों से खींवसर में डेरा डाले हुए हैं. मंत्री, पदाधिकारी, कार्यकर्ता ये सब अलग-अलग गांव में जाकर अपनी अपनी रणनीति बना रहे हैं और जातिगत समीकरणों के आधार पर अलग-अलग गांव में जाकर कांग्रेस के समर्थन में वोट देने की अपील की जा रही है.

कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र मिर्धा गांव- गांव में बैठकें कर रहे हैं और विकास का वादा भी


बेहद कड़ा दिख रहा है मुकाबला 
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कुल मिलाकर हनुमान बेनीवाल का गढ़ कहे जाने वाले खींवसर में नारायण बेनीवाल और हरेंद्र मिर्धा के बीच में मुकाबला बेहद कड़ा है. दोनों ही तरफ से किसी एक बड़ी गलती का इंतजार किया जा रहा है ताकि चुनाव का पूरा पासा पलट जाए. खास बात यह भी है कि दोनों ही तरफ से बयान देने के दौरान पूरी सावधानी बरती जा रही है और बोलते वक्त सावधानी से बोला जा रहा है ताकि कोई ऐसा बयान न हो जिससे जनता नाराज हो जाए और स्थिति प्रतिकूल हो जाए.

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First published: October 18, 2019, 11:21 AM IST
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