Panchayati Raj elections: नागौर में टिकट नहीं मिला तो नाराज BJP कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष को पेड़ से बांधा

नाराज कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मंडल अध्यक्ष राजेंद्र वैष्णव और उनके साथी पदाधिकारी को पेड़ से रस्सी से बांध दिया और जमकर खरीखोटी सुनाई.
नाराज कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मंडल अध्यक्ष राजेंद्र वैष्णव और उनके साथी पदाधिकारी को पेड़ से रस्सी से बांध दिया और जमकर खरीखोटी सुनाई.

Panchayati Raj elections: नागौर में टिकट नहीं मिलने से आक्रोशित बीजेपी कार्यकर्ताओं (BJP workers) ने मंडल अध्यक्ष और उनके साथी को पेड़ से रस्सी से बांध दिया.

  • Share this:
नागौर. पंचायती राज चुनाव (Panchayati Raj elections) में टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्याकर्ता कुछ भी कर गुजरने को आतुर हो रहे हैं. वे न केवल बड़े नेताओं से नाराजगी जता रहे हैं, बल्कि स्थानीय नेताओं से बदसलूकी (Misbehavior) भी करने पर आमादा हो रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सोमवार को नागौर जिले (Nagaur District) में सामने आया है. मामला बीजेपी से जुड़ा हुआ है. यहां टिकट नहीं मिलने से नाराज बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नेताओं को रस्सी के सहारे पेड़ से बांध दिया. बाद में बड़ी मुश्किल से उनको छुड़ाया गया. लेकिन यह घटनाक्रम ग्रामीणों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया. अब इसके वीडिया सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहे हैं.

जानकारी के अनुसार मामला नागौर के भैरूंदा मंडल इलाके से जुड़ा हुआ है. यहां नाराज कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मंडल अध्यक्ष राजेंद्र वैष्णव और उनके साथी पदाधिकारी को पेड़ से रस्सी से बांध दिया और जमकर खरीखोटी सुनाई. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यहां टिकट का वितरण सही नहीं किया गया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नेताजी के पेड़ से बंधे हुये फोटो खींच लिये और वीडियो भी बना लिये. बाद में कुछ लोगों ने बीच बचाव कर वैष्णव और उनके साथी को छुड़ाया. लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने इन फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल कर दिये.

Panchayat Raj elections: कांग्रेस ने फिर अपनाया 'गुपचुप' फॉर्मूला, प्रत्याशियों की सूची जारी, पर नहीं किया सार्वजनिक

आज नामांकन भरने की अंतिम तिथि है


दरअसल राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव हो रहे हैं. ये चुनाव नवंबर और दिसबंर में चार चरणों में होंगे. आज इन चुनावों के लिये नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि है. इन चुनावों में गुटबाजी के चलते कई जगह बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा आक्रोश व्याप्त है. बीजेपी ने दो दिन पहले अपने सभी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी. जबकि कांग्रेस ने बगावत और कार्यकर्ताओं में आक्रोश की स्थिति को देखते हुये प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं की है. उसने नगर निगम चुनाव की तर्ज पर गुपचुप प्रत्याशियों को सीधे ही सिंबल सौंपे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज