Home /News /rajasthan /

Corona Warrior: पाली में 9 माह की गर्भवती ANM राजेश्वरी जुटी है मानव सेवा में

Corona Warrior: पाली में 9 माह की गर्भवती ANM राजेश्वरी जुटी है मानव सेवा में

राजेश्वरी का कहना है कि जब तक दर्द सहन करने की क्षमता है तब तक वह संकट के इस दौर में गांव का साथ नहीं छोड़ सकती.

राजेश्वरी का कहना है कि जब तक दर्द सहन करने की क्षमता है तब तक वह संकट के इस दौर में गांव का साथ नहीं छोड़ सकती.

बाड़मेर (Barmer) जिले के गरल की बेटी एएनएम राजेश्वरी पाली (Pali) में कोरोना वॉरियर (Corona Warrior) की भूमिका बखूबी निभा रही है. वह खुद की और पेट में पल रहे मासूम की जान को दांव पर लगाकर कोरोनो महामारी में जनता की सेवा कर अनूठी मिसाल पेश कर रही है.

अधिक पढ़ें ...
पाली. पूरा देश कोरोना (COVID-19) महामारी के संकट से जुझ रहा है. कोरोना वायरस का मुकाबला करने में जुटे धरती के भगवान माने जाने वाले डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ (Doctors and Para Medical Staff) की हिम्मत, जोश और जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है. ये सभी पूरे संयम के साथ खतरों के बीच अस्पतालों में भर्ती कोरोना पीड़ितों की सेवा में जुटे हैं. वहीं बाहर भी लोगों को इस जानलेवा वायरस से बचाने के लिए जागरुक कर रहे हैं.

2009 में पोस्टिंग के बाद से इसी गांव में कार्यरत है
ऐसे ही जोश और जज्बे के साथ पाली में कोरोना वॉरियर की भूमिका बखूबी निभा रही है बाड़मेर जिले के गरल की बेटी एएनएम राजेश्वरी. वह खुद की और पेट में पल रहे मासूम की जान को दांव पर लगाकर कोरोनो महामारी में जनता की सेवा कर अनूठी मिसाल पेश कर रही है. एएनएम राजेश्वरी वर्तमान में पाली जिले के देसुरी उपखण्ड के पहाड़ी इलाके में कोट सोंलकियान में सब सेंटर पर कार्यरत है. 2009 में पोस्टिंग के बाद से इसी गांव में कार्यरत राजेश्वरी अब 9 माह के गर्भ से है. पीड़ा के इस दौर में भी राजेश्वरी का मानव सेवा का जज्बा कम नहीं हुआ है.

कोरोनो बीमारी के लक्षण समझाने और उन्हें जागरूक करने में जुटी है
तकलीफों के बावजूद राजेश्वरी कोरोना महामारी में इस गांव में घर घर सर्वे कर रही है. दूसरे प्रदेशों से आये 200 से अधिक लोगों को होम आइसोलेट कराया. गर्भावस्था में जहां महिलांए घरों से बाहर निकलने से घबराती हैं वहीं इस परिस्थिति में राजेश्वरी घर घर जाकर लोगों को कोरोनो बीमारी के लक्षण समझाने और उन्हें जागरूक करने में जुटी है.

गांव का साथ नहीं छोड़ सकती
चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने भी राजेश्वरी को अवकाश रहकर आराम करने की सलाह दी, लेकिन उसने कहा जब तक दर्द सहन करने की क्षमता है तब तक वह संकट के इस दौर में गांव का साथ नहीं छोड़ सकती. गांव के लोग हर मुश्किल दौर में उसका साथ देते आए हैं. अब उनकी सेवा करनी है. राजेश्वरी जिस सेंटर पर सेवा दे रही है वहां हर माह 10 से 12 प्रसव होते हैं. लॉकडाउन में प्रसुताओं को दुसरे अस्पतालों में जाने की तकलीफ ना उठानी पड़े इसलिए वह वहीं डटी है. काम के प्रति निष्ठा के चलते राजेश्वरी को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है.

COVID-19: केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने जयपुर पुलिस पर लगाए ये गंभीर आरोप

Jaipur: लॉकडाउन के बीच वाम दलों-संगठनों का प्रदर्शन, अपनाया ये अनूठा तरीका

Tags: Corona epidemic, Corona warriors, Pali news, Rajasthan news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर