पाली में बुखार उतारने के नाम पर चार मासूमों को लोहे के गर्म सरियों से दागा

पाली के सादड़ी क्षेत्र में निमोनिया और बुखार से पीड़ित चार मासूमों का इलाज करने के नाम पर भोपे ने उनको गर्म सरियों से दाग दिया.

Shyam Choudhary | News18 Rajasthan
Updated: October 13, 2018, 12:03 PM IST
पाली में बुखार उतारने के नाम पर चार मासूमों को लोहे के गर्म सरियों से दागा
मासूम के पेट पर लगाया गया डाम का निशान। फोटो: न्यूज18 राजस्थान ।
Shyam Choudhary | News18 Rajasthan
Updated: October 13, 2018, 12:03 PM IST
पाली के आदिवासी क्षेत्र में आज भी अंधविश्वास ने किस कदर लोगों को जकड़ रखा है इसकी बानगी जिले के सादड़ी इलाके में देखने को मिली. सादड़ी क्षेत्र में लोगों के इस अंधविश्वास के शिकार बने हैं चार मासूम. निमोनिया और बुखार से पीड़ित इन मासूमों का इलाज करने के नाम पर भोपे ने उनको गर्म सरियों से दाग दिया. पीड़ित बच्चों को अब सादड़ी के चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. इनमें दो बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है.

जानकारी अनुसार क्षेत्र के राजपुरा, मंडी गढ़, जाटों का गुड़ा, मुथान, जोबा, असलीपुर और जुनआ सहित आधा दर्जन गांवों में बीमारी में डाम (गर्म सरिये से दागाना) देने की रुढ़िवादी परंपरा ने अपनी जड़ें गहरी कर रखी हैं. यहां बच्चों और बड़ों को हल्का बुखार, पेट दर्द, जुकाम और निमोनिया होने पर भोपे के देवरे पर धोक लगवाई जाती है. वहां भोपा स्वस्थ करने के नाम पर पीड़ित के छाती, पेट और मुंह को गर्म लोहे के सरियों से दागता है. इस क्षेत्र में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं और कई पीड़ित मौत के शिकार भी हो चुके हैं.

भीलवाड़ा में भी गहरी हैं इसकी जड़ें
हाल ही में जाटों का गुड़ा निवासी मासूम अमेश जाट व राजपुरा की प्रसूता आस्था व सन्तोष के दो नवजातों समेत चार बच्चों को डाम लगाया गया. इन बच्चों के निमोनिया और बुखार उतारने के नाम पर भोपे ने उनको लोहे के गर्म सरिए से दाग दिया. इससे इन बच्चों की स्थिति काफी बिगड़ गई. बाद में सभी बच्चों को सादड़ी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उल्लेखनीय है कि मेवाड़ के भीलवाड़ा में भी अंधविश्वास के चलते लोग बीमारी में डाम लगवाते हैं.
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