पाली के सूखे हलक: एक दशक बाद फिर आएगी वाॅटर ट्रेन, रोज लगाएगी 4 फेरे

जवाई बांध का पानी खत्म होने से पाली के लोगों के हलक सूखने लग गए हैं. ऐसे में अब पाली की प्यास बुझाने के लिए करीब एक दशक बाद एक बार फिर ट्रेन पानी लेकर पहुंचेगी. 24 या 25 जुलाई को पहली वाटर ट्रेन के पाली आने की संभावना है.

News18 Rajasthan
Updated: July 22, 2019, 4:36 PM IST
पाली के सूखे हलक: एक दशक बाद फिर आएगी वाॅटर ट्रेन, रोज लगाएगी 4 फेरे
वाटर ट्रेन। फाइल फोटो
News18 Rajasthan
Updated: July 22, 2019, 4:36 PM IST
जवाई बांध का पानी खत्म होने से पाली के लोगों के हलक सूखने लग गए हैं. ऐसे में अब पाली की प्यास बुझाने के लिए करीब एक दशक बाद एक बार फिर ट्रेन पानी लेकर पहुंचेगी. 24 या 25 जुलाई को पहली वाटर ट्रेन के पाली आने की संभावना है. प्रतिदिन करीब 300 लाख लीटर पानी की आवश्यकता वाले पाली शहर में ट्रेन के जरिए महज एक तिहाई पानी ही पहुंच पाएगा. ऐसे में पाली शहर के लिए पानी की कीमत घी से भी ज्यादा हो जाएगी.

पानी के लिए मचा हुआ है हाहाकार
मानसून की बेरुखी की सबसे ज्यादा मार पाली शहर को झेलनी पड़ रही है. शहर के पेयजल के लिए एकमात्र जलस्त्रोत जवाई बांध सूख जाने से पाली में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. जवाई बांध में पानी की उपलब्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बांध के डेड स्टोरेज के चौथे पंप के माध्यम से पेयजल व्यवस्था की जा रही है. ऐसे में अब वाटर ट्रेन की पाली की प्यास बुझाएगी. इसके लिए तैयारियां की जा रही है.

अभी यह हैं ये हालात

पाली शहर की पेयजल आपूर्ति का एकमात्र स्त्रोत जवाई बांध है. वर्तमान में जवाई बांध में महज साढ़े तीन फीट पानी बचा है. इससे 28 जुलाई तक पेयजल की आपूर्ति हो सकती है. अभी पाली में 96 घंटों से यानी चार दिन से पानी से आपूर्ति की जा रही है.

water crisis in pali : पाली के सूखे हलक
जवाई बांध। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।


प्रतिदिन करीब 300 लाख लीटर पानी की मांग है
Loading...

पाली के हलक तर करने के लिए जोधपुर से वाटर ट्रेन लाई जाएगी. 30 वैगन वाली वाटर ट्रेन के प्रत्येक फेरे में करीब 15 लाख लीटर पानी पाली पहुंचेगा. अब तक की योजना के मुताबिक ट्रेन रोजाना चार फेरे करेगी. इससे करीब 60 लाख लीटर पानी की आपूर्ति पाली शहर को हो पाएगी, जबकि शहर में पानी की मांग प्रतिदिन करीब 300 लाख लीटर है. प्रशासन का प्रयास है कि वैगन की संख्या 50 तक पहुंचे ताकि पानी की आपूर्ति संतोषजनक हो सके. शेष 200 लाख लीटर के लिए प्रशासन कुओं, हेडपम्पों और जवाई बांध के डेढ़ स्टोरेज के माध्यम से पेयजलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू करने में जुटा हुआ है.

वर्ष 2002, 2005 और 2009 में वाटर ट्रेन आई थी
एक दशक पूर्व भी जब ऐसे हालात पैदा हुए थे तब भी वाटर ट्रेन ने पाली के लोगों की प्यास बुझाई थी. वर्ष 2009 में पेयजल संकट आया तब जोधपुर से ही पाली के लिए पानी की ट्रेन चलाई गई थी. उससे पहले 2002 व 2005 में ट्रेन के माध्यम से जलापूर्ति की गई थी. वर्ष 2016 में भी पानी की किल्लत के चलते वाटर ट्रेन लाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन समय रहते बारिश आ जाने से जवाई बांध में पानी आ गया था. लिहाजा चलते वाटर ट्रेन को कैंसिल कर दिया गया था.

तैयारियां पूरी कर ली गई है
जिला कलक्टर दिनेशचन्द्र जैन के अनुसार वाटर ट्रेन से पानी लाने के लिए पाली में तैयारियां पूरी कर ली गई है. जोधपुर में एक पंप लग गया है. दूसरा आज या कल इंस्टॉल होगा. रेलवे प्रशासन से बात हो गई है. पानी के लिए करीब 30 वैगन उपलब्ध हो गए हैं. वे जल्द ही जोधपुर पहुंच जाएंगे. बाकी के वैगन आने में समय लगेगा. एक वैगन में करीब 50 हजार लीटर पानी आता है. वाटर ट्रेन के जरिए 10 एमएलटी पानी पाली लाने का प्रयास है.

टीम इंडिया में राजस्थान की धाक, तीन क्रिकेटरों को मिला मौका

झालावाड़ में आकाशीय बिजली का कहर, 4 लोगों की मौत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पाली से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 22, 2019, 3:32 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...