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दौसा: शंभू शर्मा को इंसाफ दिलाने के लिए धरने पर बैठे लोगों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां, लोग शव लेकर भागे

मंदिर के पुजारी शंभू शर्मा की मौत पर धरना दे रहे लोगों पर आज पुलिस ने लाठियां बरसाई हैं.

मंदिर के पुजारी शंभू शर्मा की मौत पर धरना दे रहे लोगों पर आज पुलिस ने लाठियां बरसाई हैं.

राजस्थान के दौसा (Dausa News) में 75 साल का मूक बधिर बुजुर्ग शंभू शर्मा दबंगों के षड़यंत्र का शिकार हो गया. भूमाफियों ने अफसरों से गठजोड़ करके उसकी बेशकीमती जमीन को हथिया ली. इस सदमे में बुजुर्ग की मौत हो गई.

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दौसा. राजस्थान (Rajasthan) के महुआ में पिछले 6 दिनों से पुजारी शंभू शर्मा के शव को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे थे, लेकिन आज धरना स्थल पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ. अचानक दौसा पुलिस (Dausa Police) पहुंची और धरने पर बैठे लोगों के ऊपर लाठियां बरसानी शुरू कर दी और धरने पर बैठे लोगों को जमकर पीटा. आरोप है कि पुलिस ने कॉफिन को तोड़ दिया, जिसमें शंभू शर्मा का शव रखने का दावा था. लेकिन कॉफिन खाली निकला उसमें सिर्फ बर्फ थी इससे गुस्साई पुलिस ने ग्रामीणों को जमकर पीटा और दूर तक खदेड़ दिया.

इससे पहले प्रदर्शनकारियों को पुलिस के आने की भनक लग चुकी थी और पुलिस के पहुंचने से पहले ही शव को कॉफिन से निकालकर जयपुर रवाना कर दिया गया था. जिस वक्त पुलिस डंडे बरसा रही थी तब शव जयपुर के सिविल लाइन फाटक के बाहर प्रदर्शनकारी लेकर पहुंच चुके थे. इस बीच महुआ में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को पीटा जो धरने में शामिल नहीं थे और ना ही धरना स्थल पर बैठे थे.

क्या है पूरा मामला



दरअसल शंभू शर्मा महुआ के नजदीक टिकरी गांव में एक मंदिर का पुजारी था. शंभू शर्मा के पास जयपुर आगरा हाईवे पर 2 बीघा जमीन थी. आरोप है कि भू माफियाओं ने तहसीलदार और रजिस्ट्री दफ्तर के अफसरों के साथ मिलीभगत कर महज  इसे आठ लाख में खरीद ली. ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर इस जमीन की करीब एक करोड़ रुपए प्रति बीघा के भाव हैं, लेकिन शंभू शर्मा मूक बधिर है. उस पर दबाव बनाए बिना किसी गवाह के जमीन हथियाई गई है. इससे शंभू शर्मा मानसिक रूप से परेशान हो गया और बीमार हो गया. शंभू शर्मा ने 26 फरवरी को महुआ के पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई था. ग्रामीणों का आरोप है शंभू शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर सदमे में उसकी मौत हो गई.
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ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर माफी की 26 बीघा जमीन है. उस पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया है. ग्रामीण शंभू शर्मा की मौत के बाद पिछले 6 दिन से उसका शव लेकर महुआ थाने के बाहर धरने पर बैठे थे और मांग कर रहे थे और जमीन हथियाने वाले भू माफियाओं को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे. साथ ही ग्रमीणों की मांग था कि जिम्मेदार सरकारी अफसरों को सस्पेंड किया जाए और मंदिर से कब्जे को हटाया जाए.

ग्रामीणों के साथ राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी धरने पर बैठे थे. आज जब पुलिस पहुंची उस वक्त किरोड़ी लाल मीणा धरना स्थल पर नहीं थे. वह एक नजदीक के अस्पताल में भर्ती बताया जा रहे थे. बीजेपी के नेता भी 1 दिन पहले महुआ पहुंचे थे. ग्रामीणों का कहना है कि इसको लेकर प्रशासन के साथ उनकी कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन बेनतीजा रही. ग्रामीणों ने साफ अल्टीमेटम दे दिया था कि जब तक भू माफिया गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होगा. दौसा जिला प्रशासन ने आज शक्ति से अंतिम संस्कार कराने का फैसला किया और पुलिस बल भेजा, लेकिन उससे पहले ही भनक लगने पर प्रदर्शनकारी शव को निकालकर दूसरी जहग पर ले गये.
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