Rajasthan Crisis: SOG ने किया संजय जैन को गिरफ्तार, राजद्रोह के तहत दर्ज है मामला
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Rajasthan Crisis: SOG ने किया संजय जैन को गिरफ्तार, राजद्रोह के तहत दर्ज है मामला
एसओजी में बड़ी कार्रवाई की है.

Rajasthan Crisis Update: जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग (IT) ने दो दिन पहले किए गए छापे में करीब 1.7 करोड़ रुपये नगद और बेहिसाब आभूषण बरामद किए हैं. इसकी कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. वहीं, एसओजी की टीम ने संजय जैन (Sanjay Jain) को भी गिरफ्तार कर लिया है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में सियासत का कोहराम मच हुआ है. पॉलिटिकल ड्रामे की बीच एसओजी की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है. राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए और 120 बी के तहत संजय जैन (Sanjay Jain) को गिरफ्तार कर लिया है. वहींं दूसरी ओर आईटी विभाग (IT) की एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने दो दिन पहले किए गए छापे में करीब 1.7 करोड़ रुपये नगद और बेहिसाब आभूषण बरामद किए हैं. इसकी कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.

अब विभाग यह जांच कर रहा है कि यह राशि किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए थी या नहीं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के बेटे के साथी रतन कांत शर्मा के लॉकर से 5 करोड़ रुपये भी जब्त किए गए हैं. मालूम हो कि प्रवर्तन निदेशालय ने पहले राज्य के कई स्थानों पर छापे मारे थे, जिसमें जयपुर में एक पांच सितारा होटल भी शामिल था.

वहीं, मानेसर के रिजॉर्ट में वॉइस सैंपल लेने पहुंची राजस्थान पुलिस की टीम (Rajasthan Police) को होटल के अंदर आने के इजाजत मिल गई है. एसओजी की टीम ITC होटल के अंदर पहुंच चुकी है. दरअसल, हरियाणा पुलिस टीम ने अपने अधिकारियों से बातचीत के बाद होटल के अंदर जाने की अनुमति प्रदान की है. दरअसल, मानेसर (Manesar ) के एक रिसॉर्ट में पायलट खेमे के विधायक ठहरे हैं. ऑडियो टेप (Audio Tape) मामले में एसओजी (SOG) की टीम पायलट गुट के विधायक भंवर शर्मा और विश्वेंद्र सिंह की आवाज के नमूने (Voice Sample) लेने के लिए पहुंची. टीम जैसे ही मानेसर के आईटीसी रिसॉर्ट पहुंची होटस के गार्ड्स ने बाहर ही रोक दिया. बताया जा रहा है कि अभी भी टीम होटल के अंदर नहीं जा पाई है. होटल में मौजूद पायलट गुट के विधायक भंवर शर्मा और विश्वेंद्र सिंह की आवाज के नमूने (Voice Sample) लेने के लिए टीम पहुंची है.





सियासी घमासान के बीच नियुक्ति पत्र

राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गोविंद सिंह डोटासरा का नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है. 15 जुलाई की तारीख से डोटासरा को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ है. बता दें कि सचिन पायलट को बर्खास्त करने के फौरन बाद ही डोटासरा की नियुक्ति की घोषणा कर दी गई थी.

मंगलवार तक नहीं होगी कार्रवाई

मालूम हो कि सचिन पायलट और उनके 18 समर्थक विधायकों को पार्टी व्हिप के उल्लंघन के मामले में विधानसभा स्पीकर की ओर से नोटिस जारी किया गया है. फिलहाल, हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख टाल दी है. अब सोमवार 20 जुलाई को सुबह 10 बजे फिर सुनवाई होगी. कोर्ट ने स्पीकर को मंगलवार तक नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने कहा है. वहीं, स्पीकर की ओर से भी कार्रवाई नहीं करने का होईकोर्ट को आश्वासन दिया गया है. कोर्ट में सत्ता पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सचिन पायलट ग्रुप की याचिका प्री मैच्योर बताया है. दलील में उन्होंने कहा, याचिका मेंटिनेबल नहीं है, खारिज की जानी चाहिए.

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बता दें कि वायरल ऑडियो टेप (Viral Audio Tape) मामले में गजेंद्र सिंह, कांग्रेस से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा (Bhanwar Lal Sharma) और हिरासत में लिए गए संजय जैन (Sanjay Jain) के खिलाफ राजद्रोह (Sedition) के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें आपराधिक षडयंत्र रचने की धारा भी लगाई गई है. अशोक राठौड़ (एडीजी- एटीएस और एसओजी) ने बताया कि गुरुवार को सामने आए ऑडियो टेप को लेकर कांग्रेस नेता महेश जोशी की ओर से दो शिकायतें मिली थीं. इसके बाद धारा 124(A) (राजद्रोह) और 120(B) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दो FIR दर्ज की गई हैं. इस बीच इन विधायकों से पूछताछ के लिए राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप दिल्ली रवाना हो गई है. ऐसे में राजस्थान एसओजी के दिल्ली आने की खबर के बाद हलचल बढ़ गई है. मानेसर में आईटीसी ग्रांड होटल के आस-पास पुलिस सुरक्षा बढ़ाई गई है. जिसमें हरियाणा पुलिस ने नए सिरे से बैरिकेटिंग की है.

संविधान के शेड्यूल 10 के क्लॉज 2-1-ए को चुनौती दी गई है

सचिन पायलट खेमे के पीआर मीणा और अन्य की संशोधित याचिका पर सुनवाई दोपहर 1 बजे शुरू हुई. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहन्ती और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ कर रही है. जिसमें सचिन पायलट ग्रुप की ओर से हरीश साल्वे दलील पेश कर रहे हैं. हरीश साल्वे ने कहा कि विधानसभा के बाहर दल बदल कानून के प्रावधान लागू नहीं. विधानसभा अध्य्क्ष को नोटिस देने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि पायलट ग्रुप ने विद्रोह नहीं किया है. फ्रीडम ऑफ स्पीच का उनको अधिकार है और उन्होंने केवल अपने अधिकार का प्रयोग किया है. बता दें कि याचिका व्हिप उल्लंघन मामले में विधानसभा अध्यक्ष की ओर से बागी विधायकों को जारी किये नोटिस को लेकर दायर की गई है. याचिका में संविधान के शेड्यूल 10 के क्लॉज 2-1-ए को चुनौती दी गई है.

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यह है पूरा मामला

उल्लेखनीय है कि गत सोमवार को कांग्रेस की ओर से सीएमआर में पार्टी के विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी. बैठक में उपस्थित रहने के लिए कांग्रेस की ओर से पार्टी के विधायकों को व्हिप जारी किया गया था. लेकिन सरकार के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने वाले सचिन पालयट और उनके गुट के 19 विधायक इसमें शामिल नहीं हुए थे. इस पर सरकार के मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने मंगलवार रात को बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने की याचिका लगाई थी. उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने देर रात को ही सभी बागी 19 विधायकों को नोटिस जारी किये थे.
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