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बोले पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह, देशप्रेमियों को आज भी प्रेरणा देता है प्रताप का संघर्ष

News18Hindi
Updated: May 28, 2017, 6:50 PM IST
बोले पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह, देशप्रेमियों को आज भी प्रेरणा देता है प्रताप का संघर्ष
फोटो-(ईटीवी)

पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने कहा है कि महाराणा प्रताप ने अपने सिद्धांतों और आदर्शों के लिए संघर्ष कर स्वाधीनता और मातृभूमि प्रेम का एक दृष्टिकोण दिया.

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पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने कहा है कि महाराणा प्रताप ने अपने सिद्धांतों और आदर्शों के लिए संघर्ष कर स्वाधीनता और मातृभूमि प्रेम का एक दृष्टिकोण दिया, जो बाद में भी सदैव अपनी स्वाधीनता की परवाह करने वालों का मागदर्शन करते हुए उन्हें प्रेरणा देता रहा है.

राज्यपाल रविवार को प्रतापगढ़ के मिनी सचिवालय स्थित महाराणा प्रताप स्मारक उनकी 477वीं जयंती पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा, नगर परिषद, करणी सेना और स्वयंसेवी संस्थाओं, संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि औरंगजेब के शासन काल में सिक्खों के दसवें गुरु गोविंद सिंह भी मेवाड़ आए थे, संभवतः महाराणा प्रताप के संघर्ष से उन्हें भी प्रेरणा मिली होगी. उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के खालसा पंथ के ध्येयवाक्य 'वाहे गुरु दा खालसा, वाहे गुरु दी फतह' में मेवाड़ का ध्येयवाक्य 'जो दृढ राखै धर्म को, ताहि राखे करतार' का दर्शन प्रतिबिंबित होता है.

उन्होंने कहा कि प्रताप ने विभिन्न वर्गों को अपने साथ जोड़कर मातृभूमि से रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी. उनके संघर्ष के बारे में सोचकर ही प्रेरणा मिलती है. उन्होंने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी में स्थापित महाराणा प्रताप पीठ के माध्यम से उनके जीवन के बारे में शोध किया जाएगा. उन्होंने प्रतापगढ़ शहर की सफाई व्यवस्था के लिए सभापति कमलेश डोसी की मुक्तकंठ से सराहना की.

समारोह की अध्यक्षता करते हुए पंजाब के विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप की जयंती दुनिया के समस्त आजादी के विश्वास रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण दिन है और मेवाड़ की मिट्टी का जर्रा-जर्रा ऐसे लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय संस्कृति की 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' की सोच के बड़े पहरेदार रहे और मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया. संघर्ष का जो नायाब तरीका प्रताप ने इजाद किया, उसी पर चलकर आगे सिक्खों और मराठों ने मुगलों को कमजोर किया.

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First published: May 28, 2017, 6:50 PM IST
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