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जज ने सुनाया अनोखा फैसला, 27 पेड़ काटने के बदले आरोपियों को लगाने होंगे 270 पौधे

News18 Rajasthan
Updated: June 4, 2019, 10:19 AM IST
जज ने सुनाया अनोखा फैसला, 27 पेड़ काटने के बदले आरोपियों को लगाने होंगे 270 पौधे
सांकेतिक तस्वीर

कोर्ट ने पिछले 20 मार्च को वन क्षेत्र में 27 पेड़ काटने वाले चार आरोपियों को जमानत के बदले में आंवले के 270 पौधे लगाने का आदेश दिया है.

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राजस्थान में प्रतापगढ़ के जिला एवं सेशन जज राजेंद्र कुमार शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बहुत ही अनोखा फैसला सुनाया है. जिले के गंधेर क्षेत्र में पिछले 20 मार्च को वन क्षेत्र में 27 पेड़ काटने के चार आरोपियों को जमानत के बदले में आंवले के 270 पौधे लगाने का आदेश दिया है. इस तरह अब बजरंगगढ़ निवासी रामा उर्फ रामलाल तेली, जसवंत धोबी, दिनेश तेली और मोहम्मद हुसैन को काटे गए पेड़ों के 10 गुना ज्‍यादा आंवले के पौधे लगाने होंगे. इसके लिए कोर्ट ने आरोपियों को एक महीने का समय दिया है. साथ ही पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेने का अनूठा फैसला दिया है.

जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ कोतवाली थाने में वन विभाग के अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें वन क्षेत्र में पेड़ काटने पर 7 व्यक्तियों के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 41, 42, आईपीसी की धारा 379 और धारा 3 पीडीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

जमानत के लिए लगाई थी अर्जी-

इसके बाद चारों आरोपियों ने जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, जिसकी सुनवाई के दौरान जिला जज ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनोखा फैसला सुनाया. जज ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों ने वन विभाग की ओर से बड़ी राजकीय राशि खर्च कर लगाए गए पेड़ों का संरक्षण और पालन पोषण करते हुए बड़ा किया गया था. आरोपियों ने इन्हें काटकर आपराधिक उद्देश्य से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है.

अपनी जमीन में लगाने होंगे पौधे-

जिला जज शर्मा ने आरोपियों को एक माह में पौधारोपण करने के बाद लगाए गए पौधों के फोटो भी कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है. वन विभाग की टीम भी इन पौधों का निरीक्षण कर कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. आरोपी रामा उर्फ रामलाल को अपनी खुद की आराजी में एक महीने के भीतर कुल 270 आंवले के पौधे लगाकर उनकी जीपीएस फोटोग्राफी करते हुए कोर्ट में यह तस्वीर दिखानी होगी.

इसके अलावा, आरोपियों को पेड़ लगाने के साथ ही तीन महीने के अंतराल पर पेड़ों के जीवित होने के सबूत भी देने होंगे. उन्हें पेड़ों के जिंदा होने के सबूत जीपीएस के जरिए जिला कोर्ट में पेश करने होंगे. इन पेड़ों की जीवित होने की सूचना वन विभाग को देनी हाेगी. वन विभाग अधिकारियाें काे भी निगरानी रखकर इसकी रिपोर्ट कोर्ट में बनाकर देनी होगी.
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First published: June 4, 2019, 9:54 AM IST
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