Viral Video: OPD की जगह कोरोना वॉर्ड में लगाई ड्यूटी, धमकी देकर करवाते थे काम, सुनें डॉक्‍टर की आपबीती

वायरल वी‍ड‍ियो में सुनें एक डॉक्‍टर की आपबीती

वायरल वी‍ड‍ियो में सुनें एक डॉक्‍टर की आपबीती

Rajasthan News: राजस्‍थान के प्रतापगढ़ में एक डॉक्‍टर को नौकरी म‍िली और उन्‍हें कहा गया था क‍ि ओपीडी वार्ड में ही मरीजों को देखना है, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें कोविड वार्ड में पेशेंट को देखने के लिए भेज दिया गया. कुछ दिन उसने इंसानियत के नाते तड़पते हुए मरीजों की देखभाल की. इस दौरान उसे कोई सुरक्षा किट नहीं दी गई.

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राजस्‍थान के प्रतापगढ़ में दिल्ली के एक डॉक्टर ने शहर के मंदसौर रोड स्थित एक निजी अस्पताल प्रबंधन पर उसके मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है. डॉक्‍टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर के आरोपों को सिरे से नकार दिया है. वायरल वीडियो दिल्ली निवासी डॉ रवि किशोर का बताया जा रहा है.

वीडियो में डॉक्‍टर कह रहा है कि उसे 70 हजार रुपए मासिक वेतन पर मंदसौर रोड स्थित एक अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के लिए रखा गया था. वीडियो में डॉक्टर का आरोप है कि उसे जब रखा गया था तब कहा गया था कि उसे कोविड मरीजों के जांच के लिए नहीं भेजा जाएगा. सिर्फ ओपीडी वार्ड में ही मरीजों को देखना है, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें कोविड वार्ड में पेशेंट को देखने के लिए भेज दिया गया. कुछ दिन उसने इंसानियत के नाते तड़पते हुए मरीजों की देखभाल की. इस दौरान उसे कोई सुरक्षा किट नहीं दी गई. मेरे लाख मना करने के बाद भी मुझे पेंशेंट देखते रहो, यह आद‍िवासी इलाका है और तुम्‍हें कुछ हो जाएगा क‍िसी को पता नहीं चलेगा.

Youtube Video

उन्‍होंने बताया क‍ि अस्‍पताल प्रशासन के लोग मेरे साथ गाली गलौच करते थे, ख‍िड़की से बाहर फेंकने और कैमरा बंद कर प‍ीटने की धमकी देते थे. इस बीच उसकी तबीयत खराब हो गई. जब उसने अस्पताल प्रबंधन से घर छुड़वाने की व्यवस्था करने को कहा तो आनाकानी की. बाद में जिला प्रशासन से शिकायत की तो उसे जिला चिकित्सालय द्वारा एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई, जिससे वह अपने घर दिल्ली पहुंचा.
डॉक्‍टर के आरोपों पर क्‍या हे अस्‍पताल प्रशासन का

डॉ रवि किशोर ने अस्पताल प्रबंधन पर वेतन नहीं देने के भी आरोप लगाए है. इधर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह डॉक्टर हॉस्पिटल से करीब एक सप्ताह पहले ही बिना बताए निकल गए. इनको सैलरी के कुछ रुपए भी दिए. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके यहां यहां किसी प्रकार से कोविड का उपचार नहीं किया जाता. डॉक्‍टर झूठे आरोप लगा रहे है.

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