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प्रधानमंत्री जी, क्‍वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद भी हमें नहीं भेजा रहा अपने घर

प्रधानमंत्री जी, क्‍वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद भी हमें नहीं भेजा रहा अपने घर

झारखंड में वेस्टइंडीज निवासी एक तबलीगी जमाती कोरोना वायरस से ग्रस्त पाया गया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

झारखंड में वेस्टइंडीज निवासी एक तबलीगी जमाती कोरोना वायरस से ग्रस्त पाया गया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को लिखे पत्र में श्रवण सिंह राठौर ने बताया है कि 14 दिन की क्‍वारेंटाइन (Quarantine) पूरा होने के बावजूद जालोर (Jalore) ओर सिरोही (Sirohi) जिले के हजारों लोगों को उनको अपने घर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है.

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    जयपुर. महानगरों से पलायन कर रहे कामगार कहीं कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण अपने साथ लेकर गांव न पहुंच जाएं, इसी आशंका के देखते हुए देश के हर शहर-हर गांव में प्रशासन ने क्‍वारेंटाइन (Quarantine) सेंटर तैयार किए थे. इन क्‍वारेंटाइन सेंटर में आज भी देश के विभिन्‍न हलकों से पलायन करने वाले लोग क्‍वारेंटाइन हैं. इसमें से तो बहुत से ऐसे भी हैं, जिनकी 14 दिन की क्‍वारेंटाइन अवधि पूरी हो चुकी है, बावजूद इसके उनको अपने गांव-घर इजाजत नहीं दी जा रही है. ऐसे ही कुछ लोगों में राजस्‍थान (Rajasthan) के जालोर (Jalore) और सिरोही (Sirohi) जिले के लाखों लोग शामिल हैं. लंबे इंतजार के बाद, जब जालोर औश्र सिहोरी के लोगों की आवाज किसी ने नहीं सुनी तो उन्‍होंने अब अपनी गुहार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से लगाई है.

    सीरोही के इन लाखों लोगों की तरफ से यह गुहार प्रवासी राजस्थानी फ़्रेंड्स फाउंडेशन के प्रेसिडेंट श्रवण सिंह राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगाई है. उन्‍होंने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और लोगों के अनुशासन की वजह से जालोर और सिरोही जिले में एक भी कोरोना पॉजिटिव पेशेंट नहीं मिला है. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी लोग लॉकडाउन का सख्ती से पालना कर रहे है. उन्‍होंने लिखा है कि जालोर, सिरोही से लाखों युवक रोजगार के लिए गुजरात, महाराष्ट्रा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, गोवा, पुदुचेरी, दमन द्वीप, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के विभिन्‍न शहरों में अपना व्यवसाय या नौकरी करते है. इनकी संख्या लाखों में है. ये सभी हमारे राजस्थान की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण धुरी है.

    35 हजार लोगों को इस इजाजत का इंतजार
    उन्‍होंने लिखा है कि अचानक लॉकडाउन लागू होने से लाखों प्रवासी जहां व्यवसायी या नौकरी करते हैं, वहां फंस गए है. बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो लॉकडाउन के प्रथम चरण के दौरान कार्यस्थल से रवाना हो गए थे, लेकिन बीच रास्ते में दूसरे राज्यों में लॉकडाउन की सख्ती की वजह से जबरन रोक दिया गया. अकेले जालोर जिले के ऐसे प्रवासियों की संख्या 35 हज़ार से अधिक होगी, जो बीच रास्ते में दूसरे राज्यों में अस्थाई कैम्पों में क्‍वारेंटाइन कर रखा है. उनके 14 दिन की निर्धारित क्‍वारेंटाइन अवधि भी पूरी कर चुकी है. उन्‍हें पूरी तरह संक्रमण मुक्त पाया गया है. बावजूद इसके उनको उन्हें वहां से जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है. उन लोगों के लिए वहां खाने का संकट बना हुआ है. वहां रहने और खाने के सही बंदोबस्‍त नहीं होने से नासमझी की वजह से मुंबई के बांद्रा जैसी घटनाएं फिर दूसरी जगह भी हो सकती है.

    उत्‍तराखंड में फंसे प्रवासियों को भेजा गया था गुजरात
    श्रवण सिंह राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि पिछले दिनों अखबार की खबरों से पता चला था कि उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा में गए हुए गुजरात के लोगों के लिए देश के गृहमंत्री अमित शाह ने 25 लग्जरी बसें भिजवाकर सभी को सकुशल गुजरात लाया गया था. उन्‍होंने अनुरोध किया है कि ऐसी ही व्यवस्था प्रवासी राजस्थानियों के लिए भी करवा दी जाए. उन्‍होंने लिखा है कि जालोर के 35 हज़ार से अधिक प्रवासी विभिन्न जगह अस्थाई कैम्पों में 15 दिन से अधिक समय से क्‍वारेंटाइन करके रखे हुए है. ऐसे प्रवासियों को चिंहित करके तुरंत प्रभाव से गांव छुड़वाने की व्यवस्था करवाई जाए. उन्‍होंने लिखा है ये प्रवासी हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी है. ये पूरा तबका हतोत्साहित है और इनके रोजाना ही सैंकड़ों फोन आ रहे हैं.

    इसलिए नहीं हो रहा अपील का असर
    उन्‍होंने लिखा है कि आपकी बार बार की जाने वाली अपीलों का इन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है. क्योंकि, इन्हें वहां खुद की चिंता होने के साथ गांव में बैठे परिवार की भी चिंता सता रही है. ऐसे में आप तुरंत प्रभाव से विभिन्न राज्यों के बीच आपसी समन्वय करके प्रवासी राजस्थानियों को सकुशल घर पहुंचाने की व्यवस्था करवाने का कष्ट करावें.

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    Tags: Coronavirus, COVID 19, Pravasi Rajasthani Friends Foundation, Prime Minister Narendra Modi, Quarantine, Shravan Singh Rathore, कोरोना वायरस, कोविड 19, क्‍वारेंटाइन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान

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