प्रियंका गांधी के करीबी से सचिन पायलट को मिला 'मुख्यमंत्री' बनने का आशीर्वाद, क्या फिर बदलेंगे समीकरण?

प्रमोद कृष्णन  के ट्वीट से राजस्थान में तेज हुई सियासत.

प्रमोद कृष्णन के ट्वीट से राजस्थान में तेज हुई सियासत.

Jaipur News: प्रिंयका गांधी (Priyanka) के करीबी माने जाने वाले  प्रमोद कृष्णन की एक ट्वीट से राजस्थान में सियासत फिर तेज हो गई है. पायलट (Sachin Pilot) के एक ट्वीट पर प्रमोद ने मुख्यमंत्री भव का रि ट्वीट किया है.

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जयपुर. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की राजस्थान यात्रा से पहले एक बार सचिन पायलट (Sachin Pilot) को लेकर कांग्रेस में चर्चा गर्म है. चर्चा की तीन वजह है. एक तो पायलट को राहुल गांधी के नजदीक माना जाता है. राहुल गांधी की किसान रैलियों (Kisan Raily) और ट्रैक्टर मार्च में पायलट की जगह क्या होगी? क्या राहुल गांधी पायलट को पहले की तरह तरजीह देंगे या नहीं, इन सब मुद्दों पर चर्चा गर्म है. दूसरी वजह है राहुल गांधी की राजस्थान में किसान रैलियों से पहले सचिन पायलट की पूर्वी राजस्थान में अब तक की धमाकेदार रैलियां. बावजूद इसके कांग्रेस ने राहुल गांधी की किसाान रैलियोें के लिए  पायलट के प्रभाव वाले पूर्वी राजस्थान के बजाय अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के प्रभाव वाले पश्चिम राजस्थान को चुना.

तीसरी और खास बात कांग्रेस नेता और प्रिंयका गांधी के नजदीकी माने जाने वाले प्रमोद कृष्णन का सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनने का आशिर्वाद देना. पायलट की भरतपुर में रैली के ट्वीट पर प्रमोद कृष्णन ने मुख्यमंत्री भव लिखकर रि ट्वीट किया है.

प्रमोद कृष्णन के ट्वीट से सियासत तेज

इससे पहले कांग्रेस के सोशल मिडिया कैंपेन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ट्वीट पर भी प्रमोद कृष्णन ने जबाब में लिखा कि क्या आपका इसारा सचिन पायलट की ओर है. गहलोत ने अपने ट्वीट में युवाओं को आगे आने के लिए कहा था. प्रमोद कृष्णन के सचिन पायलट को लेकर ये ट्वीट इसलिए भी मायने रखते हैं क्योंकि प्रियंका गांधी ने ही सचिन पायलट की बगावत के बाद कांग्रेस में वापसी कराई थी. प्रिंयका गांधी ने ही सचिन पायलट को तब पार्टी में सम्मान का भरोसा दिलाया था. गहलोत की मर्जी न होने के बावजूद पायलट की वापसी हुई थी.
सचिन पायलट के कांग्रेस में भविष्य को लेकर अटकलें तब लगाई जाने लगी जब कांग्रेस हाई कमान की तमाम कोशिश के बावजूद अशोक गहलोत फिललहाल मई तक मंत्रीमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियोें को लेकर तैयार नहीं हुए. मतलब साफ है तब तक तो पायलट समर्थकों को सरकार में जगह नहीं मिलेगी.

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राजस्थान दौरे पर आएंगे राहुल गांधी

सचिन पायलट के बगावत और वापसी के बाद से राहुल गांधी पायलट को लेकर खामोश हैं. राहुल गांधी के अब राजस्थान दौरे से ही तय होगा कि सचिन पायलट राहुल गांधी की अब भी पसंद हैं या नहीं. राहुल क्या अब भी गहलोत पायलट का हाथ पकड़ कर संतुलन का संकेत देंगे या नहीं. सवाल ये भी है कि प्रमोद कृष्णन के ट्वीट गांधी परिवार या कांग्रेस की  पसंद की ओर इसारा तो नहीं.
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