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पुष्कर मेला: हजारों श्रदालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देशी-विदेशी महिलाओं के बीच हुआ रस्साकस्सी का मुकाबला

Anil Sharma | News18 Rajasthan
Updated: November 12, 2019, 8:00 PM IST
पुष्कर मेला: हजारों श्रदालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देशी-विदेशी महिलाओं के बीच हुआ रस्साकस्सी का मुकाबला
पुष्कर मेले का पूर्णिमा महास्नान और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ समापन

अंतराष्ट्रीय पुष्कर मेले (Pushkar fair) का पूर्णिमा महास्नान और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं (Devotees) ने पवित्र पुष्कर सरोवर मे आस्था की डुबकी लगाई

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पुष्कर. राजस्थान में अंतराष्ट्रीय पुष्कर मेले (Pushkar fair) का पूर्णिमा महास्नान और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं (Devotees) ने पवित्र पुष्कर सरोवर मे आस्था की डुबकी लगाई, जैसे-जैसे पूर्णिमा का समय करीब आया लोगों का हुजूम पुष्कर की तरफ उमड़ने लगा. करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. पुष्कर सरोवर के मुख्य घाटों पर श्रद्धालुओं ने सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं ने डेरा लगाना शुरू कर दिया था. रात भर भजन कीर्तन ओर सत्संग के दौर चलते रहे. माना जाता है की सृष्टि के रचियता जगत-पिता ब्रह्मा ने इस पवित्र सरोवर के बीच माता गायत्री के साथ कार्तिक एकादशी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक यज्ञ किया था. मानना है कि इस यज्ञ के दौरान धरती पर 33 करोड़ देव-देवता पुष्कर में ही मौजूद रहते है, इसी के चलते लाखों श्रद्धालुओं ने पूर्णिमा पर सरोवर में स्नान करने के बाद पूजा अर्चना की और पुरोहितों को दान दक्षिणा दी.

लोक कलाकारों और छात्राओं ने दी शानदार प्रस्तुति

दूसरी तरफ रंगारंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेले का विधिवत समापन हो गया. मेला ग्राउंड में आयोजित समापन समारोह में जिला कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. समारोह में राजस्थान के लोक कलाकारों (Folk artists) सहित स्कूली छात्राओं (students) ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह में चार चांद लगा दिए. इस मौके पर मटका दौड़, रस्साकसी सहित सभी मुख्य प्रतियोगिताओं (competitions) का फिर से आयोजन हुआ. इस मौके पर मेले को सफल सम्पन्न कराने में हर क्षेत्र में सहयोग प्रदान करने वाले लोगों का जिला प्रशासन की ओर से सम्मान किया गया. जिला कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति का प्रतीक है और पुष्कर मेले की अपनी आप मे अलग पहचान है. उन्होंने कहा कि इसे भविष्य में और अधिक भव्यता प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे.



मेले में आकर्षण का केंद्र रही रस्साकस्सी प्रतियोगिता

समापन समारोह में देशी-विदेशी पर्यटकों (Foreign tourists) के बीच हुई पुरुष और महिला वर्ग की रस्साकस्सी प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही. रस्साकस्सी प्रतियोगिता में इस बार महिला वर्ग में मुकाबला बहुत ही रोचक रहा. देशी महिलाओं को विदेशी महिलाओं ने काफी देर तक जोर आजमाइश के लिए विवश किया, लेकिन आखिरकार देसी महिलाओं ने इसमें अपना दमखम कायम रखा.

रस्साकस्सी प्रतियोगिता में देशी-बिदेशी महिलाओं ने लिया हिस्सा
रस्साकस्सी प्रतियोगिता में देशी-बिदेशी महिलाओं ने लिया हिस्सा

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इस दौरान मेला मैदान में मौजूद हजारों देशी- विदेशी पर्यटक भी रोमांचित हो गए. हजारों ग्रामीण स्थानीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहे. दूसरी तरफ इससे पहले महिला वर्ग में देशी महिलाओं ने विदेशी बालाओं को जमीन दिखाकर मुकाबला जीत लिया. इसी तरह मेला मैदान में महिलाओं ने मटका लेकर दौड़ लगाने की अनूठी प्रतियोगिता में भाग लिया, इसमे देशी महिला ने बाजी मारी, तो विदेशी महिलाओं ने भारतीय नारी की ताकत और फुर्ती की प्रसंशा की.

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First published: November 12, 2019, 7:50 PM IST
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