विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेले के आयोजन पर संशय बरकरार, सरकार के रूख का इंतजार

हर साल कार्तिक महीने में पुष्कर मेले का आयोजन होता है. (फाइल फोटो)
हर साल कार्तिक महीने में पुष्कर मेले का आयोजन होता है. (फाइल फोटो)

कोरोना (Corona) को देखते हुए विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेले (Pushkar Fair) के आयोजन पर संशय बरकरार है. इसके आयोजन की संभावन कम ही दिख रही है.

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पुष्कर. कोरोना आपदा (Corona Crisis) के चलते अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान रखने वाले पुष्कर मेले (Pushkar Fair) पर भी संकट का साया मंडरा रहा है. नवरात्र भी समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक मेले को लेकर संशय बरकरार है. ऐसे में लोगो के जेहन में केवल एक ही बात है कि इस बार विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेले का आयोजन होगा या नहीं?

हालांकि अभी तक राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से पुष्कर मेले को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सूचनाओं से पुष्कर के लोग, बाहर से आने वाले पशुपालक, दुकानदार एवं श्रदालु, हर कोई मेले को लेकर असमंजस में हैं. हरेक की जुबान पर एक ही सवाल है कि पुष्कर मेले का इस साल भविष्य क्या होगा?

माना जा रहा है कि इस बार प्रशासनिक स्तर पर पुष्कर मेले के लगने की संभावना कम ही है. ऐसे में सवाल ये है कि यदि जानकारी के अभाव में पशुपालक अपने पशुओं को लेकर आ जाते हैं, तो क्या उन्हें वापस भेजा जाएगा. चर्चा ये भी है कि मेले में हजारों श्रद्धालु आते हैं तो क्या सोशल डिस्टेसिंग के पालन के लिए पुष्कर में लॉकडाउन लगाकर उन्हें रोका दिया जाएगा. मेले से जुड़े ऐसे कई सवाल हर जेहन में हैं. यदि समय रहते सरकार और प्रशासन की ओर से निर्णय नहीं होता है तो लोगों को आर्थिक नुकसान सहित कई परेशानियां हो सकती हैं.



गौरतलब है कि हर साल कार्तिक माह में विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेले का आयोजन किया जाता है. इस मेले में पूरे देश से पशुपालन अपने जानवरों के साथ पहुंचते हैं. देशी-विदेशी पर्यटक भी लाखों की तादाद में यहां आते हैं. मेले के दौरान अनूठी सांस्कृतिक छटा देखने को मिलती है.
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